जब आजम ने रूद्राक्ष का माला पहनने से किया इनकार, बोले- मुझे फकीर रहने दें, पीर न बनाएं

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वाराणसी.यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खान रविवार को वाराणसी पहुंचे। कुछ देर सर्किट हाउस आराम करने के बाद सीधे सोनारपुरा स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचे, जहां पर शंकराचार्य के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलकर पिछले साल अन्याय प्रतिकार यात्रा में पुलिस द्वारा संतों की पिटाई के मामले में खेद प्रकट किया। इस दौरान उन्हें बाबा ने जब रूद्राक्ष का माला भेंट किया तो इसे पहनने से साफ इनकार कर दिया।मुझे फकीर ही रहने दीजिए, पीर मत बनाइए

– आजम ने बाबा को यह बताया कि माला अर्थात तस्बीह को हम नहीं पहन सकते क्योंकि इसे फेरते हैं।
– उन्होंने कहा कि मुझे फकीर ही रहने दीजिए, मुझे पीर मत बनाइए। इसके बाद उन्होंने माला को अपने जेब में डाल लिया।

गंगा मोक्षदायिनी, योग का कोई धर्म नहीं

– आजम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गंगा को हिन्दू मां मानते हैं, जबकि मैं मोक्षदायिनी मानता हूं।
– उन्होंने कहा कि योगा को धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, यह सबके लिए है।
– विवादित धर्मगुरू जाकिर नाईक के सवाल पर कहा कि उन्हें अच्छी बात बोलना चाहिए और अच्छा सोचना चाहिए।

शीला दीक्षित दादी की भूमिका में

– आजम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि शीला दीक्षित दिल्ली से लौटकर आई है।

– दादी का यूपी में स्वागत है, लेकिन वह कांग्रेस को उबार नहीं सकती है। उन्होंने संतों से सपा के लिए आशीर्वाद भी मांगा।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, आज भी हम दुखी है

– जब स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद से आजम के वीजिट पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रतिकार यात्रा के दौरान संतों की पिटाई को हम कभी भूल नहीं सकते हैं।
– अब घाव पर मरहम लगाने से क्या होगा, क्योंकि आज भी हमारा दिल रो रहा है।
– उन्होंने कहा कि हमें गंगा में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक से मुक्त किया जाए, इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार से चर्चा के बाद इस पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

Courtesy: Bhaskar.com

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