31 जुलाई से पहले आईटीआर रिटर्न भरें करदाताः आयकर विभाग

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अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरते हैं तो ये पता चल जाएगा कि आपका कितना टैक्स ज्यादा कटा है तो अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. टैक्स रिफंड क्लेम करने से पहले आपको अपनी टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट या फॉर्म (26एएस) पर भी नजर डालनी पडेगी. जरूरत से ज्यादा कटा टैक्स इस स्टेटमेंट में नहीं दिखाता है तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा. 26एएस में आपके पैन नंबर के आधार पर बताया जाता है कि आपने उस साल में कितना टैक्स चुकाया था और उसकी डिटेल के आधार पर आपको रिफंड मिलेगा अगर रिफंड मिलता है तो.

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न भरने के लिये एक पखवाड़े से भी कम समय बचे होने के बीच करदाताओं को बिना किसी बाधा के सुगमता से सालाना रिटर्न भरने को लेकर ई-फाइलिंग विकल्प चुनने का सुझाव दिया है. करदाताओं को भेजे परामर्श में विभाग ने कहा है, ‘‘पिछले वर्ष इस समय तक आपने संभवत: अपना आयकर रिटर्न इलेक्ट्रानिक रूप से भर दिया था.

हम आपको याद दिलाते हैं कि आप 2016-17 के लिये अपना आयकर रिटर्न भर दें. ई-फाइलिंग सरल और आसान है.’’ विभाग ने करदाताओं भेजे परामर्श में कहा है, ‘‘आपसे इंकम टैक्स इंडिया ई-फाइयलिंग डाट गाव डाट इन पर लागइन करने तथा नई विशेषताओं के साथ मुफ्त र्टिन तैयार करने वाला साफ्टवेयर डाउनलोड करने का अनुरोध है जो आपको आयकर रिटर्न भरने और जमा करने में मदद करेगा.’’ विभाग ने करदाताओं को बिना किसी बाधा के सुगमता से सालाना रिटर्न भरने को लेकर ई-फाइलिंग विकल्प चुनने का सुझाव दिया है.

जिन करदाताओं के खातों के आडिट की जरूरत नहीं है, वे अपना आईटीआर 31 जुलाई तक भर सकते हैं. करदाता रिटर्न भरने के लिये टैक्स रिटर्न प्रिपेयर की भी मदद ले सकते हैं.

Courtesy: ABPNews

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