बाढ़ का खतरा, 266 गांवों में अलर्ट

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आगरा: आगरा की सीमा से सटे राजस्थान व मध्य प्रदेश के जिलों में हो रही बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। भरतपुर के पचाना डैम से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे उटंगन मचल रही है। साथ ही चंबल नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने 266 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक करने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

बाह-फतेहाबाद के बॉर्डर पर उटंगन नदी में सबसे अधिक पानी पचाना डैम से आता है। कई सालों से नदी सूखी चल रही थी, लेकिन इस साल अच्छी बरसात होने के चलते नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। डैम से हाल में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। सोमवार देर रात पानी यहां पहुंचना शुरू हो गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकुमार ने बताया कि 266 गांवों में अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार के अलावा संबंधित ग्राम प्रधानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कुछ दिन पहले कोटा बैराज से पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे चंबल नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। पिनाहट में स्टीमर का संचालन प्रशासन ने बंद कराया था। नदी का जलस्तर उतरने के बाद सोमवार सुबह से फिर एक बार बढ़ने लगा है। रात तक जलस्तर 118 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 130 मीटर पर है, लेकिन अगर 124 मीटर तक पानी पहुंच जाता है, तो इससे बाह के आठ गांवों का रास्ता बंद हो जाएगा।

उटंगन से ज्यादा प्रभावित होने वाले गांव

सियापुरा, मनौना, सेरब, अरनौटा, कांकरखेड़ा, पिढ़ौरा, बसई भदौरिया, मानिकपुरा, बसई अरेला, नगला भरी गांव।

Courtesy: Jagran.com

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