हे प्रभु! रेलवे स्टेशन का ये हाल

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कानपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ख्वाब संजोया। रेल बजट में यात्री सुविधाएं बढ़ाने को बड़ा बजट भी निर्धारित किया गया। मुसाफिर के एक ट्वीट पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु तुरंत संज्ञान लेते हैं। महकमा कभी दूध तो कभी दवाई लेकर दौड़ता है। इससे लगा कि ये वाकई रेलवे स्टेशनों के लिए ‘अच्छे दिन’ की आहट है। कई स्टेशनों का कायाकल्प शुरू भी हो गया, लेकिन कानपुर जैसे बड़े स्टेशन को देखें तो सबकुछ हवा-हवाई ही नजर आता है। ऐसी कोई समस्या ही नहीं है, जो इस स्टेशन पर न हो। गंदगी का ढेर, दुर्गध, जर्जर प्लेटफॉर्म, पेयजल से लेकर प्रसाधन तक की सुविधा को यात्री परेशान हैं। बिना प्लेटफॉर्म टिकट लिए इंसान अगर स्टेशन पहुंच जाए तो संभव है कि टीटी उसे पकड़ ले, लेकिन आवारा जानवर यहां प्लेटफॉर्म पर घूमते हैं, जो किसी को भी दिखाई नहीं देते। आईये, हम आपके को दिखाते हैं कानपुर सेंट्रल स्टेशन के एक-एक प्लेटफॉर्म का हाल।

ट्रैक पर गंदगी, हर तरफ बदबू

प्लेटफार्म नंबर पांच के ट्रैक पर इस समय सीवर भरा हुआ है और नालियां जाम हैं। गंदगी पर मक्खी भिनकने के कारण यात्री फुट ओवरब्रिज पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते हैं।

जगह-जगह धंसा है प्लेटफॉर्म

अब जरा प्लेटफार्म नंबर छह का हाल देखते हैं। यह कई जगह धंसा है। रेलवे ने इसे पैचवर्क से ठीक करने का प्रयास किया है, लेकिन अभी भी जगह-जगह धंसा होने की वजह से तेजी से चलते समय यात्री लड़खड़ा जाते हैं।

टिकटघर पर छोड़ रखी है कूड़ा गाड़ी

सिटी साइड के टिकटघर को देखकर पता चलता है कि कर्मचारी कितने लापरवाह और अधिकारी कितने बेफिक्र हैं। यहां सफाई कर्मी ने कूड़ागाड़ी छोड़ रखी थी, जिसकी दुर्गध से टिकट के लिए कतार में लगे यात्री परेशान थे। यहीं पर कई आवारा जानवर यात्रियों के बीच घूम रहे थे। ये नजारा यहां आम हो चला है।

वीआइपी प्लेटफॉर्म पर कुत्तों से बचें

सेंट्रल स्टेशन के वीआइपी प्लेटफॉर्म नंबर एक की हालत देखिए। इसे कहते हैं वीआइपी हैं, लेकिन स्थिति ये कि यात्री डरे-सहमे ट्रेन का इंतजार करते हैं। यहां खूंखार कुत्ते बैठे रहते हैं। वह कभी भी यात्रियों पर झपट पड़ते हैं।

Courtesy: Jagran.com

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