जानें क्या हैं GST बिल की मुख्य बातें

जानें क्या हैं GST बिल की मुख्य बातें

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बिल का संक्षिप्त विश्लेषण
संविधान (122वां संशोधन) बिल, 2014 (जीएसटी)

 

 

बिल की मुख्य विशेषताएँ

 

 यह बिल माल व सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करता है।
 जीएसटी पर संसद एवं राज्य विधानसभा दोनों कानून बना सकते हैं। केवल केन्द्र ही माल व सेवाओं, और आयात की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर इंटीगे्रटेड जीएसटी (आईजीएसटी) लगा (लेवी) सकता है।
 मनव उपभोग के लिए शराब को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। पाँच पेट्रोलियम उत्पादों पर जीएसटी बाद में किसी अन्य तिथि पर लागू होगा।
 जीएसटी काउंसिल कर की दरें, अतिरिक्त कर लगाने (लेवी) की अवधि, आपूर्ति व्यवस्था, कुछ राज्यों को विशेष प्रावधान आदि का सुझाव देगा। जीएसटी काउंसिल में केंन्द्रीय वित मंत्री,केद्रीय राजस्व राज्य मंत्री, और राज्यों के वित मंत्री शामिल होंगे।
 बिल में केन्द्र को दो या अधिक वर्ष के लिए माल की अंतर्राज्यीय आपूर्ति पर 1ः तक का अतिरिक्त कर लगाने का अधिकार दिया गया है। यह कर उन राज्यों को प्राप्त होगा जो माल की आपूर्ति के मूल स्थान हैं।
 कानून अनुसार, संसद जीएसटी लागू होने से पाँच वर्ष की अवधि तक राज्यों को राजस्व (रेवेन्यू) में होने वाली किसी भी घाटे का मुआवज़ा प्रदान कर सकती है।
प्रमुख मुद्दे व विश्लेषण
 एक आदर्श जीएसटी व्यवस्था का उद्देश्य सभी अप्रत्यक्ष करों को एक कर के तहत शामिल करते हुए टैक्सेशन की एक समान प्रणाली को तैयार करना है। मौजूदा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की चुनौतियों का समाधान कर के आधार का बढ़ा कर, करों की कैसकेडिंग को समाप्त करके, अनुपालन को बढ़ा कर, और विभिन्न राज्यों में अलग प्रकार के करों से होने वाली आर्थिक समस्याओं को कम करके किया जाएगा।
 बिल के प्रावधान एक आदर्श जीएसटी व्यवस्था का पूरी तरह से पालन नहीं करते हैं। पाँच पेट्रोलियम उत्पादों पर अभी जीएसटी नहीं वसूलने से करों की कैस्केडिंग हो सकती है।
 अलग-अलग राज्यों में भेजे जाने वाले माल पर लगने वाला अतिरिक्त 1ः कर, माल व सेवाओं के लिए एक समान राष्ट्रीय बाज़ार तैयार करने के उद्देश्य को कमजोर करता है। माल का अंतर्राज्यीय व्यापार राज्य के अंदर किए जाने वाले व्यापार से महंगा होगा, जिससे फुटकर ग्राहकों को अधिक बोझ सहना पड़ेगा। इससे करों की कैस्केडिंग जारी रहेगी।
 बिल द्वारा केन्द्र को अंतर्राज्यीय वाणिज्य और व्यापार के दौरान जीएसटी लगाने और इकट्ठा करने की अनुमति दी गई है। इसके बजाय, कुछ विशेषज्ञों ने अंतर्राज्यीय लेनदेन पर कर अनुपालन (टैक्स कंप्लायन्स) और प्रशासनिक बोझ कम करने के लिए संशोधित बैंक माॅडल का सुझाव दिया है।
 संविधान (122वां संशोधन) बिल, 2014 को 19 दिसंबर, 2014 को लोक सभा में पेश किया गया था। 6 मई, 2015 को उसे लोक सभा में पास कर दिया गया।
 बिल 14 मई, 2014 को राज्य सभा की सिलेक्ट कमेटी के पास विचारार्थ भेजा गया था। कमेटी संभवतः माॅनसून सत्र के पहले सप्ताह के अंत तक अपनी रिपोर्ट जमा करेगी।

कम (Courtesy- PRS)

Categories: Politics
Tags: GST Bill

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