पाकिस्तानी सईद को अमृतसर बार्डर पर छोड़ा

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जेल में बंद पाकिस्तानी सईद अहमद डेढ़ साल की सजा के बाद रिहा हो गया है। भारत सरकार के आदेश के बाद सईद को अमृतसर के बार्डर पर छोड़ दिया गया। उसका वीजा सिर्फ मुजफ्फरनगर तक के लिए था। उसे पिछले साल 27 दिसंबर को बेगमपुल से गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने बिना उचित कागजात के भ्रमण करने के आरोप में सईद को अदालत में पेश किया था। अदालत ने उसे डेढ़ साल की सजा सुना दी। सईद की सजा दो जुलाई को पूरी हो गई थी। सजा के साथ दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा था। अर्थदंड नहीं देने पर 18 जुलाई तक सईद को जेल में रहना था। सईद की रिहाई को लेकर पुलिस प्रशासन ने भारत सरकार ने उसकी रिहाई का उदवासन आदेश प्राप्त किया। वीजा या किसी अन्य कागजात में गलती के आधार पर पकड़े गए लोगों को ऐसे आदेश के बाद संबंधित देश की सीमा पर छोड़ दिया जाता है। उसके बाद चौधरी चरण सिंह जेल से मेरठ पुलिस कस्टडी में मुजफ्फरनगर ले जाया गया। मुजफ्फरनगर पुलिस की टीम बाद में सईद को अमृतसर बार्डर पर छोड़कर वापस लौट गई।

मुल्तान का रहने वाला था सईद

सईद अहमद पाकिस्तान के पंजाब राज्य के मुलतान जनपद स्थित शुजाबाद तहसील के गांव सिकंदराबाद जकड़ बस्ती का रहने वाला है, जो मुजफ्फरनगर में 27 दिसंबर 2014 को आया था। उसके 7 जनवरी 2015 तक रहने की अवधि थी। जेल में डेढ़ साल तक अतिरिक्त इसलिए रहा क्योंकि बिना वीजा के मेरठ पहुंच गया था।

ऐसे पकड़ा गया था सईद :

सईद अपने ममेरे भाई इकबाल के साथ मुजफ्फरनगर से मेरठ में खरीदारी करने आया था। बेगमपुल पर ट्रैफिक पुलिस ने इकबाल की बाइक को रोक कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच पीछे बैठे सईद ने बताया कि मुझे तो छोड़ दो मैं तो पाकिस्तानी हूं। उसके बाद फोर्स के कान खड़े हो गए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

इन्होंने कहा..

जांच एजेंसियों की जांच पड़ताल में सामने आया कि सईद बिना वीजा के मेरठ में घूम रहा था। उसका कोई दूसरा मकसद नहीं था। ऐसे में बिना वीजा के घूमने की सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान बार्डर पर कड़ी सुरक्षा में ले जाकर छोड़ दिया।

-सुजीत पांडेय, आइजी।

Courtesy: Jagran.com

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