बसपाइयों के अभद्र नारों से दयाशंकर की बेटी डिप्रेशन में, पत्नी करेंगी केस

बसपाइयों के अभद्र नारों से दयाशंकर की बेटी डिप्रेशन में, पत्नी करेंगी केस

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अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान बसपाइयों के आपत्तिजनक नारों से आहत दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह ने भी एफआईआर कराने का निर्णय लिया है। स्वाति ने कहा, पति की गलती को लेकर पूरे परिवार की महिलाओं को खींचा जा रहा है।

मुझे, मेरी बेटी और ननद का सार्वजनिक रूप से अपमान किया जा रहा है। इसके लिए बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती सहित अन्य नेताओं के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। स्वाति सिंह ने कहा कि अगर पति ने कोई गलती की तो उन्हें क्यों घसीटा जा रहा है।

स्वात‌ि ने कहा, उन्हें मेरे पति के शब्दों पर आपत्ति हुई तो नारे लगाए क‌ि दयाशंकर की बेटी को पेश करो अब मायावती और सतीश मिश्र बताएं क‌ि मैं अपनी बेटी को कहां पेश करूं?

पूरा परिवार दहशत में है और घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। उन्होंने बसपाइयों से जान के खतरे की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग भी की।

स्वाति ने कहा कि मायावती ताकतवर नेता हैं, इसलिए उनके पक्ष में भीड़ जुट जाती है और किसी भी परिवार की महिलाओं की इज्जत उछाल देती है। मैं अकेली हूं, फिर भी मान-सम्मान से समझौता नहीं करूंगी।

बेटी डिप्रेशन में, बेटा भी डरा-सहमा

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उन्होंने भाजपा पर भी हमला बोला। कहा, पति ने पूरी जिंदगी पार्टी की सेवा की। पार्टी ने उनकी सेवाओं का यह सिला दिया, जो कभी नहीं भुलाया जाएगा।

स्वाति ने बताया कि बेटी सातवीं की छात्रा है। बुधवार रात से वह टीवी पर अपने पिता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की खबरें देखकर दहशत में है।

बृहस्पतिवार सुबह वह स्कूल गई तो असेंबली में न्यूज रीडिंग कराई गई। इसमें खबरों में उसके पिता का जिक्र आया तो वह दहशत में आ गई।

वह डिप्रेशन में है। चौथी कक्षा में पढ़ रहे बेटे की हालत भी ठीक नहीं है। पापा को लेकर स्कूल में हो रही चर्चा के बारे में भी वह पूछ रहा है।

क्या अपने नेताओं को बाहर करेंगी मायावती?

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य भी गुरुवार दोपहर बाद आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी जो सजा हो सकती थी वह पार्टी ने दयाशंकर को दे दी। बसपा ने उन पर रिपोर्ट भी करा दी।

जिस पर कार्रवाई करना पुलिस का काम है। पर, राजधानी में बसपा की तरफ से जिस तरह दयाशंकर के परिवार की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां की गई, उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मायावती को इसका जवाब देना चाहिए कि धरना देने आए बसपाइयों की अभद्र टिप्पणियां से उन्हें भी कोई ठेस या अपमान महसूस हुआ या नहीं। भाजपा ने जब दयाशंकर पर कार्रवाई कर दी थी तो इस तरह का धरना देना और लोगों को आतंकित करना कहां तक न्यायोचित है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री इस मामले में भी महिलाओं के सम्मान को लेकर चिंतित होती है या नहीं।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक कहते भी हैं कि नारी तो नारी है। सभी नारियों का सम्मान होना चाहिए। सभी को इसका ध्यान रखना चाहिए। भाजपा ने तो अशोभनीय टिप्पणी करने वाले नेता को पार्टी से बाहर कर दिया।

पर, क्या मायावती भी उन नेताओं को पार्टी से बाहर करेंगी, जिन्होंने दूसरों की बहन-बेटियों को लेकर दयाशंकर से भी ज्यादा अभद्र टिप्पणियां कीं। पाठक की बात से साफ है कि भाजपा इस मामले से चिंतित जरूर है, लेकिन वह ज्यादा दिन रक्षात्मक मुद्रा में नहीं रहने वाली।

Courtesy: Amarujala

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