इस मंदिर में हर दिन तैयार होते हैं 3 लाख लड्डू, कोई नहीं जानता इसकी रेसिपी का राज

इस मंदिर में हर दिन तैयार होते हैं 3 लाख लड्डू, कोई नहीं जानता इसकी रेसिपी का राज

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भारत के सबसे विख्यात मंदिरोंं में से एक तिरुपति बालाजी अपने आप में बहुत की लोकप्रिय मंदिर है. यहां हर साल करोड़ोंं लोग तरूपति के दर्शन के लिए आते हैं. लेकिन उससे भी ज्यादा लोग उस प्रसाद को लेने आते हैंं जिसकी चर्चा कई सालों से हो रही है. 300 साल से भी ज्यादा समय से तिरूपति के मंदिरों में एक खास लड्डू चढ़ाया जाता है. आइए जानते हैं आखिर क्यों खास है ये लड्डू?

टिकट के साथ मिलता है लड्डू

तिरुपति बालाजी मंदिर में अक्सर भीड़ मिलती है इसलिए यहां पर उन लोगों के लिए एक खास सुविधा उपलब्ध है जो कम समय में जल्दी दर्शन करना चाहते हैं. दरअसल इस मंदिर में दर्शन के दौरान जो लोग 300 रुपये का शीघ्र दर्शन वाला टिकट खरीदते हैं उन्हें दो लड्डू मुफ्त में दिए जाते हैं. वहीं जो लोग लाइन में लगे रहते हैं वो अपनी इच्छा अनुसार इसे खरीद सकते हैंं.

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ज्यादा नहीं है लड्डू की कीमत

प्रसाद के रूप में मिलने वाले इस लड्डू का इतिहास 300 साल से भी ज़्यादा पुराना है. इसकी खास बात यह है कि यह कई दिनों तक खराब नहीं होता है और आप इसे आराम से कुछ दिनों तक खा सकते हैं. साथ ही इसकी कीमत भी 10 रूपये से लेकर 25 रूपये तक है. इसलिए यहां आए लगभग सभी लोग इस खास लड्डू को जरूर अपने प्रसाद में शामिल करते हैं.

एक खास रसोई में तैयार होते हैं ये लड्डू

बालाजी में चढ़ने वाले लड्डू एकदम ताजा होते हैं. हर दिन यहां करीब तीन लाख लड्डू तैयार किये जाते हैं. इसलिए लड्डू बनाने के लिए एक खास जगह तय की गई है. साथ ही इसे बनाने वाले रसोइया भी अलग हैं. इस ख़ुफ़िया रसोई को ‘पोटू’ कहते हैं. यहां केवल मंदिर के पुजारी और कुछ खास लोग ही जाते हैं. यहां सबके जाने पर पाबंदी है. इस रसोई की खास बात यह है कि यहां साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाता है.

लड्डू की होती है कड़ी सुरक्षा

बालाजी में मिलने वाले इस खास लड्डू की सबसे रोचक बात यह है कि लड्डू को प्रसाद के तौर पर पाने के लिए आपको एक सुरक्षा दायरे से होकर गुजरना पड़ेगा. जिसमें सुरक्षा कोड और बायोमेट्रिक विवरण जैसे, चेहरे को पहचानना वगैरह मौजूद होते हैं.

कैसे तैयार होते हैं ये लड्डू

इस लड्डू की रेसिपी भी बेहद अलग है. लड्डू को बनाने में बेसन, किशमिश, मक्खन, काजू और इलाइची का इस्तेमाल किया जाता है. इनका वजन 174 ग्राम का होता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि लोग इसे घर पर तो बनाते हैं लेकिन इस जैसा स्वाद हासिल नहीं कर पाते.

मंदिर की होती है करोड़ोंं में कमाई

तिरुपति मंदिर की कुल संपत्ति करीब 1.30 लाख करोड़ रूपये है. यहां पर कुल 60,000 करोड़ का सोना, चांदी और रत्न है. वहीं 8500 करोड़ का एफडी और इन्वेस्टमेंट भी की गई है. इस मंदिर की सालाना कमाई 600 करोड़ रुपए से ज्यादा है

Courtesy: Jagran.com

Categories: Culture, India, Regional