भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेट को मिला प्रेसिडेंट बराक ओबामा का साथ

भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेट को मिला प्रेसिडेंट बराक ओबामा का साथ

Barack-Obama

नई दिल्ली/वाशिंगटन : इलिनॉयस से डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेस उम्मीदवार भारतीय-अमेरिकी राजा कृष्णमूर्ति को बड़ी उपलब्धि हासिल होने जा रही है. अमेरिका में चल रहे डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय सम्मेलन (डीएनसी) में पार्टी के उभरते नेताओं में से एक के तौर पर उनका परिचय दिया जाएगा.

दो कांग्रेस उम्मीदवारों को ही आमंत्रित किया

डीएनसी के मंच पर पार्टी के उभरते नेताओं के तौर पर केवल दो कांग्रेस उम्मीदवारों को ही आमंत्रित किया गया है. 42 वर्षीय कृष्णमूर्ति उन्हीं में से एक हैं. उनके अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी फ्लोरिडा के स्टेफनी मर्फी को इस श्रेणी में सम्मानित करेगी.

कृष्णमूर्ति का सामना रिपब्लिकन पार्टी के पीटर से

सोलह मार्च को इलिनॉयस में डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेशनल प्राइमरी में जीतने वाले कृष्णमूर्ति का सामना रिपब्लिकन पार्टी के पीटर डिक्किनी से होगा. पीटर प्राइमरी के दौरान निर्विरोध आगे बढ़ थे. अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले उन्होंने 16 लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए थे और उन्हें काफी लोकप्रिय माना गया.

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बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया है

कृष्णमूर्ति के पक्ष में एक बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनका समर्थन किया है. बीते महीने ओबामा ने उनके समर्थन में कहा था, ‘मैं जानता हूं कि कांग्रेस रहते हुए वह अच्छे रोजगारों का सृजन करने, अमेरिकियों को कारोबार शुरू करने में अधिक सशक्त बनाने तथा कामकाजी परिवारों की मदद करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे.’

डेमोक्रेटिक दिग्गज नेताओं ने भी उनका समर्थन किया

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की पूर्व स्पीकर नेन्सी पेलोसी जैसे कई डेमोक्रेटिक दिग्गज नेताओं ने भी उनका समर्थन किया है. राजा कृष्णमूर्ति 2004 में अमेरिकी सीनेट अभियान में बराक ओबामा के वरिष्ठ सलाहकार और नीति निदेशक थे. साल 2008 में राष्ट्रपति पद के प्रचार में भी उन्होंने ओबामा के सलाहकार के तौर पर काम किया था.

कृष्णमूर्ति इलिनॉयस में उप खजांची के पद पर थे

साल 2007 से 2009 तक कृष्णमूर्ति इलिनॉयस में उप खजांची के पद पर थे. उन्होंने इलिनॉयस के खजांची एलेक्सी जियानोउलियास के तहत काम किया था. साल 2010 में वह इलिनॉयस राज्य लेखा नियंता पद की डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए खड़े हुए थे. लेकिन, वोटों के एक फीसदी से भी कम अंतर से डेविड ई-मिलर से हार गए थे.

जन्म दिल्ली में 19 जुलाई 1973 को हुआ था

उनका जन्म दिल्ली में 19 जुलाई 1973 को हुआ था. जब वह महज तीन महीने के थे तभी उनके अभिभावक न्यूयॉर्क के बफेलो चले गए थे. वर्तमान में कृष्णमूर्ति शिवनाथन लैब्स और एपीसोलर इंक जैसे छोटे कारोबारी संस्थानों के अध्यक्ष हैं. जो राष्ट्रीय सुरक्षा और नवीकरणीय उर्जा उद्योगों के लिए उत्पाद बनाते हैं और उन्हें बेचते हैं.

संगठन इंस्पायर के भी सह संस्थापक हैं

वह गैर-सरकारी संगठन इंस्पायर के भी सह संस्थापक हैं. यह संगठन इलिनॉयस के छात्रों और अनुभवी लोगों को सौर तकनीक का प्रशिक्षण देता है. वह इलिनॉयस इनोवेशन काउंसिल के पूर्व उपाध्यक्ष भी हैं. इस संस्था का उद्देश्य नवीन तकनीकों को बढ़ावा देना है.

भारतीयअमेरिकियों की संख्या उल्लेखनीय है

ऐसी तकनीकों को जो इलिनॉयस में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में मददगार हों. आठवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट में एशियाई-अमेरिकी बड़ी तादाद में रहते हैं. और उनमें भी भारतीय-अमेरिकियों की संख्या उल्लेखनीय है.

Courtesy: ABP News

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