यूएई में फंसे 100 से ज्यादा भारतीय कामगार, भूखे पेट बिता रहे हैं दिन

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यूनाइटेड अरब अमीरात में काम करने वाले भारतीय कामगारों ने भारत सरकार से मदद की मांग की है। इनके काम का परमिट खत्म हो चुका है, कोई तनख्वाह नहीं है, खाना सीमित मात्रा में है और पीने रो पानी और सेनीटेशन की समस्या भी कामगार झेल रहे हैं। ये तुरंत अपने देश लौटना चाहते हैं जिसके लिए इन लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है।

एक प्रवासी भारतीय ने वीडियो में अपील करते हुए कहा है कि ‘हमें हमारे परिजनों से मिलने में मदद करें। यहां 100 से ज्यादा कामगार फंसे हुए हैं जिनके पास ना ही पैसा है और ना घर जाने के लिए जरुरी कागजात।’

प्रवासी शिविर में रह रहे 15 भारतीय श्रमिकों ने भारत सरकार से तुरंत उन्हें स्वदेश वापस बुलाने के लिए गुहार लगाई है। नाम ना छापने की शर्त पर भारतीय विदेश सचिवालय के एक अधिकारी कहते हैं कि कुछ दिन पहले हमें इन श्रमिकों की शिकायत मिली थी।

अरब देशों में हैं 60 लाख प्रवासी भारतीय

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हमने मजदूरों की जल्द वापसी के लिए प्रयास शुरु कर दिए हैं। साथ ही दूतावास से कहा है कि वो ये पक्का करें कि जिन कंपनियों में वो काम करते थे उन्हें वहां से उनकी तनख्वाह मिल सके।

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि काम की तलाश में भारत छोड़कर गल्फ जाने वाले लोगों की संख्या 60 लाख के करीब है। ये लोग कुबैत, कतर, सऊदी अरब,बहराइन, यूनाइटेड अरब अमीरात और ओमान में रह रहे हैं।

चेन्नई की एक समाजसेवी संस्था के मुताबिक भारत से गल्फ देशों के लिए हो रही मानव तस्करी की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। मजदूरों को झूठे वादे और बिना कागजातों के विदेशों में भेजा जा रहा है।

कमाने गए थे और खाने के पड़े हैं लाले

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हफिंग्टन पोस्ट के मुताबिक इस वक्त सरकार एंजेसियों के जरिए ये जांच कर रही है कि बिना पूरी कागजी प्रक्रिया के इन लोगों को देश से बाहर कैसे भेजा जा रहा है। वीडियो अपील से स्पष्ट है कि अबू धाबी के घयाथी शिविर में श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रवासी भी हैं।

पी चित्रा जो कि एक उस प्रवासी भारतीय की पत्नी हैं जिसने वीडियो अपील जारी की थी। वो कहती हैं कि मैने अपने पति से एक महीने पहले बात की थी। वो बोले कि उन्होंने नौ महीने से खाने का पैसा नहीं चुकाया है जिस वजह से उन्हें खाने के परेशानी आ रही है।

दिल्ली में यूएई के दूतावास ने उनकी इस टिप्पणी का भी जवाब नहीं दिया है। प्रवासियों के मुताबिक उन्हें 2015 से किसी प्रकार की सुविधा और सेलरी नहीं मिल रही है। हमारा काम का अनुबंध, वीजा, लेवर कार्ड और निवासी प्रमाण की वैधता भी खत्म हो गई है। लेकिन ये लोग इसे रिन्यू नहीं कर रहे हैं।

Courtesy: Amarujala

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