मायावती ने खेला कैडर दांव, वेस्ट यूपी की कमान अतर सिंह के हाथ

मायावती ने खेला कैडर दांव, वेस्ट यूपी की कमान अतर सिंह के हाथ

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने वेस्ट यूपी की कमान एमएलसी अतर सिंह राव को दे दी है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कहा गया है कि प्रदेश भर में मुसलमानों को साधने का काम करो। माना जा रहा है कि जहां वेस्ट यूपी में दलितों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बसपा सुप्रीमो ने यह निर्णय लिया है, तो वहीं दयाशंकर प्रकरण के बाद नसीमुद्दीन को लेकर आला कमान मंथन कर रहा था।

चुनावी तैयारियों के चलते बहुजन पार्टी ने वेस्ट की राजनीति में अहम कदम उठाया है। हाल ही में निर्वाचित हुए मेरठ के एमएलसी अतर सिंह राव को वेस्ट यूपी का प्रभारी बनाया है। दरअसल वेस्ट यूपी को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी देख रहे थे। पहले उन्हें कहा गया कि उत्तराखंड पर फोकस करें। अब कहा है कि प्रदेश भर के मुसलमानों को पार्टी से जोड़ने का काम करें। साथ ही लखनऊ की जिम्मेदारी भी दी गई है।

दयाशंकर प्रकरण ने बदल दी कहानी

mayawatis-dalit-card-slips-from-her-hand-over-gaali-kand_1469336044भाजपा के निष्कासित नेता दयाशंकर ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी की, तो बसपाई आक्रोशित हो उठे। लखनऊ में रैली भी हुई, पर एक गड़बड़ी ने पूरे मामले को उल्टा कर दिया। बसपाइयों द्वारा दयाशंकर की पत्नी और बेटी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के कारण भाजपा तेवर में आ गई। जगह-जगह नसीमुद्दीन के पुतले जले और उनके खिलाफ मुकदमा तक दर्ज किया गया।

परिणाम यह रहा कि बसपा को बैकफुट पर आना पड़ा। चूंकि वेस्ट यूपी में भाजपा मजबूत स्थिति में है, तो बसपा थिंक टैंक इस पर भी विचार कर रहा था कि कहीं यह और बड़ा इश्यू न बन जाए। नतीजा परिवर्तन की पटकथा लिख दी गई। बरेली में खुद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

कैडर वोटरों को साधने की कवायद
बसपा ने यहां एक तीर से दो निशाने साधे हैं। नसीमुद्दीन को दूसरी तरफ लगाने का मैसेज दिया है, तो पार्टी के कैडर वोटर को भी लुभाने की कोशिश की है। अतर सिंह राव कैडर कार्यकर्ता हैं और लगातार दलित वोटरों के बीच उनकी उपस्थिति रही है। कई बड़े कैडर कैंपों में दिए गए भाषणों में अतर सिंह का फोकस अपने मूल वोटर पर ही रहा। लोकसभा चुनाव के बाद माना जा रहा था कि बसपा का यह वोटर छिटक गया। चूंकि अव विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, तो पार्टी फिक्र में है कि कहीं यह वोटर फिर से बेरुखी न दिखा दे। लिहाजा अब इन्हें साधने की वेस्ट यूपी में खास कोशिश हो रही है।

Courtesy: Amarujala

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