मायावती को गाली देने वाले पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह गिरफ्तार

मायावती को गाली देने वाले पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह गिरफ्तार

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बक्सर/नई दिल्ली/लखनऊ: मायावती को गाली देने वाले पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को दयाशंकर सिंह को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किया.

यूपी पुलिस कई दिनों से दयाशंकर सिंह की तलाश कर रही थी और आज उसे कामयाबी मिली. पुलिस ने दयाशंकर सिंह को पकड़ने के लिए कई यूपी के कई शहरों में छापेमार कर चुकी थी. उनके रिश्तेदारों पर भी नज़र रख जा रही थी.

आपको बता दें कि मायाती को गाली देने के मामले में लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. वारंट के खिलाफ दयाशंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, लेकिन उन्हें वहां से राहत नहीं मिल सकी, जिसके बाद से पुलिस शिद्दत के साथ उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थी.

हालांकि, खबरें ये भी थी कि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद दयाशंकर सिंह ने आत्मसमर्पण का मन बना लिया था और इसी बीच उनकी गिरफ्तारी की खबर आई है.

पार्टी से निकाल बाहर

मायावती के खिलाफ अपशब्द बोलने और उसको लेकर देशभर में मचे बवाल के बाद बीजेपी ने दयाशंक को पार्टी से निकाले दिया था.

क्या है पूरागाली कांड’ ?
मायावती पर टिप्पणी करके दयाशंकर सिंह ने 19 जुलाई को विवाद की शुरुआत की. इसके बाद 21 जुलाई को बीएसपी वालों ने दया शंकर की बेटी को लेकर अपशब्द कहे.

गाली को लेकर पहले बीएसपी ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया तो जवाब में दया शंकर सिंह के परिवार ने भी मायावती और बीएसपी नेताओं पर केस दर्ज करा दिया. पहले लखनऊ की सीजीएम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर दयाशंकर के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी.

क्या कहा था दया शंकर सिंह ने?
मायावती को लेकर उपाध्यक्ष दया शंकर सिंह ने कहा था, “मायावती टिकट बेचती हैं. वो इतनी बड़ी नेता हैं, तीन बार सूबे की सीएम रही हैं. लेकिन वो उन्हें टिकट देती हैं जो उन्हें 1 करोड़ रुपये देने को राजी होता है. अगर कोई 2 करोड़ देने को तैयार हो जाता है तो वो उसे टिकट दे देती हैं. अगर कोई 3 करोड़ दे दे तो उसे ही दे देंगी. आज उनका चरित्र #@&*% से भी ज्यादा खराब है.”

लखनऊ के हजरतगंज थाने में दयाशंकर सिंह के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.

: आईपीसी की धारा 153A यानी कटुता बढ़ाने वाला बयान. इसमें सजा 2 साल तक की होती है.

: धारा 504 यानी गाली गलौज करना इसमें भी 2 साल तक की सजा है.

: धारा 509 यानी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना. इसमें भी दो साल तक की सजा है. और ये तीनों जमानती धाराएं हें.

: एससी एसटी एक्ट की धारा 310 के तहत भी केस दर्ज हुआ है. इस धारा में लोअर कोर्ट से जमानत की गुजाइंश नहीं होती है.

कौन हैं दयाशंकर सिंह?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से राजनीति शुरू करने वाले दयाशंकर पिछले हफ्ते ही बीजेपी के उपाध्यक्ष बने थे. इससे पहले वो युवा मोर्चा में भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं. 1999 में लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए. साल  2007 में बलिया विधानसभा सीट से टिकट मिला लेकिन हार गए.

Courtesy: ABP News

Categories: Politics, Regional

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