16 साल बाद GST रास्ते पर: कल पेश होगा बिल, 35% टैक्स अब 18% हो जाएगा; फिर भी कई तरह की सर्विसेस होंगी महंगी

16 साल बाद GST रास्ते पर: कल पेश होगा बिल, 35% टैक्स अब 18% हो जाएगा; फिर भी कई तरह की सर्विसेस होंगी महंगी

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नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश होगा। कांग्रेस इसका सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, उसने इसका एलान नहीं किया है। सरकार मंगलवार को ही बिल पेश करना चाहती थी। लेकिन सोनिया गांधी की बनारस में रैली के चलते कांग्रेस के कहने पर सरकार ने बिल एक दिन टाल दिया। बता दें कि जीएसटी की नींव 16 साल पहले वाजपेयी सरकार ने रखी थी। जीएसटी कानून बनने से असर ये होगा कि अब तक जो 30 से 35% टैक्स देते हैं, वह 17 से 18% हो जाएगा। राज्यसभा में 5.5 घंटे होगी चर्चा…

– राज्यसभा में इस पर चर्चा के लिए 5.5 घंटे रखे गए हैं। यह बिल लोकसभा में करीब एक साल पहले पारित हो चुका है।

– पिछले दिनों फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली की अगुआई में हर दल के नेता से हुई चर्चा के बाद सरकार को उम्मीद है कि बिल दो-तिहाई बहुमत से पारित हो जाएगा।
– राज्यसभा में जीएसटी बिल पेश करने से पहले बीजेपी ने व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों से तीन दिन तक सदन में हाजिर रहने को कहा है।
– जीएसटी बिल साल भर से लोकसभा से पारित होकर इसलिए पेंडिंग है, क्योंकि मोदी सरकार अपोजिशन की बहुमत वाली राज्यसभा को साध नहीं पा रही थी।
– अब जाकर बात बनी है, तो बुधवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

GST से मुझे क्या मिलेगा…

सस्ते की चर्चा
– लेन-देन पर वैट और सर्विस टैक्स नहीं:इसी तरह घर खरीदना हो या फिर ऐसी कोई दूसरी लेनदेन करनी हो, जहां वैट और सर्विस टैक्स दोनों लगते हैं, जीएसटी लगने के बाद ये सस्ता हो सकता है।

– रेस्तरां का बिल भी कम होगा:रेस्तरां का बिल इसलिए कम होगा, क्योंकि अभी वैट (हर राज्यों के अलग-अलग) और 6% सर्विस टैक्स (बिल के 40% हिस्से पर 15%) दोनों लगता है। जीएसटी के तहत सिर्फ एक टैक्स लगेगा।
– कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सस्ते :एयरकंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, फ्रिज, वाॅशिंग मशीन सस्ती हागी। अभी 12.5% एक्साइज और 14.5% वैट लगता है। जीएसटी के बाद 18% टैक्स लगेगा।
– माल ढुलाई :20% सस्ती होगी। फायदा आम लोगों से लेकर लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री तक को।
– इंडस्ट्री :सबसे फायदे में, क्योंकि जीएसटी के बाद उन्हें करीब 18 टैक्स नहीं भरने होंगे। टैक्स भरने की प्रॉसेस भी आसान होगी।

महंगी बातें

– चाय-कॉफी :डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट 12% तक महंगे होंगे। चाय-कॉफी जैसे इन प्रोडक्ट्स पर अभी ड्यूटी नहीं लगती। अब 12% महंगे हो सकते हैं।

– सर्विसेस :मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल या फिर ऐसी अन्य सेवाएं सब महंगी होंगी। अभी सर्विसेस पर 15% टैक्स (14% सर्विस टैक्स, 0.5% स्वच्छ भारत सेस, 0.5% कृषि कल्याण सेस) लगता है। जीएसटी होने पर ये 18% हो सकता है।
– डिस्काउंट :अभी डिस्काउंट के बाद की कीमत पर टैक्स लगता है। जीएसटी में एमआरपी पर टैक्स लगेगा। कंपनी 10000 रुपए का सामान हमें 5000 रुपए में देती है तो अभी 600 रुपए टैक्स लगता है। पर जीएसटी के बाद 1200 रुपए टैक्स लगेगा।
– जेम्स एंड ज्वैलरी :जेम्स एंड ज्वैलरी महंगी हो सकती है। इस पर अभी 3% ड्यूटी लगती है। रेडिमेड गारमेंट भी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि अभी इन पर 4-5% का स्टेट वैट लगता है। जीएसटी में इन पर कम से कम 12% टैक्स लगेगा।

DB Q&A : अब एक देश, एक टैक्स

1# आखिर क्या हो जाएगा जीएसटी से?
– जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स। इसे केंद्र और राज्यों के 20 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले लगाया जा रहा है। जीएसटी के बाद एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी जैसे टैक्स खत्म होंगे।

2# यानी इसके बाद सिर्फ एक टैक्स होगा?
– नहीं। जीएसटी में ही 3 तरह के टैक्स होंगे।
– सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी: इसे केंद्र सरकार वसूलेगी।
– एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी: इसे राज्य सरकार वसूलेगी।
– आईजीएसटी यानी इंटिग्रेटेड जीएसटी: अगर कोई कारोबार दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर यह टैक्स लगेगा। इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देगी।

3# इससे मुझे यानी आम लोगों को क्या फायदा?
– टैक्सों का जाल और रेट कम होगा:
अभी हम अलग-अलग सामान पर 30 से 35% टैक्स देते हैं। जीएसटी में 17 या 18% टैक्स लगेगा।
– एक देश, एक टैक्स:सभी राज्यों में सभी सामान एक कीमत पर मिलेगा। अभी एक ही चीज दो राज्यों में अलग-अलग दाम पर बिकती है, क्योंकि राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं।

4# तो क्या अब मैं ज्यादा पैसे बचा सकूंगा?
– शुरू के 3 साल महंगाई बढ़ेगी। मलेशिया में 2015 में जीएसटी आने के बाद से महंगाई दर 2.5% तक बढ़ी है। अभी रोजमर्रा की सर्विसेस पर 15% सर्विस टैक्स देते हैं। अब 18% होगी। यानी 3% महंगाई बढ़ेगी। पेट्रोल-डीजल-गैस जीएसटी में नहीं होंगे।

5# अभी हम 30-35% टैक्स चुकाते हैं। जीएसटी 18% होने पर सरकार को नुकसान नहीं होगा?
– नहीं। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमणियन की समिति ने 17-18% रेवेन्यू न्यूट्रल रेट की सिफारिश की है। यानी इस पर सरकार का रेवेन्यू न बढ़ेगा, न घटेगा।
– इसकी दो वजहें हैं। पहली, बहुत सी चीजों पर अभी कम टैक्स लगता है, वह बढ़ जाएगा। दूसरी, बहुत से कारोबारी सेल्स कम दिखाते हैं। जीएसटी में हर लेन-देन की ऑनलाइन एंट्री होगी। इससे चोरी मुश्किल हो जाएगी।

नोट : जीएसटी दर अभी 18% होने की चर्चा है। यहां आंकड़े इसी आधार पर लिए गए हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

Categories: Finance, India, Politics