महाराष्ट्र: योग की परीक्षा में फर्स्ट आने पर बलात्कारी को मिला इनाम, जेल से हुआ रिहा

महाराष्ट्र: योग की परीक्षा में फर्स्ट आने पर बलात्कारी को मिला इनाम, जेल से हुआ रिहा

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बलात्कार की सजा काट रहे एक शख्स को सजा पूरी होने से पहले सिर्फ इसलिए छोड़ दिया गया क्योंकि उसने अच्छे से योग किया था। यह मामला महाराष्ट्र के नागपुर का है। वहां की सेंट्रेल जेल में शीतल कावले नाम का एक शख्स बंद था। उसे 2012 में अपनी एक रिश्तेदार का बलात्कार करने का दोषी पाया गया था और वह तब से ही जेल में था। सितंबर में यानी 40 दिन बाद उसकी सजा पूरी होने वाली थी लेकिन योग के पेपर में वह फर्स्ट आया और इनाम में उसे बची हुई सजा से छूट मिल गई। शीतल को यह छूट देने का फैसला जेल के प्रशासन ने ही किया था। एक सीनियर अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान बताया, ‘100 नंबर का टेस्ट हुआ था। शीतल ने 75 प्रतिशत से ज्यादा नंबर पाए। इसलिए उसकी 40 दिन की सजा माफ कर दी गई।’

योग को बढ़ावा देने के लिए : जेल में योग करवाने का प्रस्ताव राज्य के जेल प्रशासन ने ही दिया था। प्रशासन ने महाराष्ट्र में मौजूद सभी सात जेलों में योग का टेस्ट करवाया था। यह काम केंद्र सरकार की उस बात को ध्यान में रखकर किया जा रहा है जिसमें राज्य सरकारों को योग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। अबतक 8 ऐसे कैदी हैं जिन्हें योग के टेस्ट में अच्छे नंबर लाने का फायदा मिल चुका है। ऐसे कैदियों को उनकी सजा में 30 से 40 दिन की छूट मिल गई है। इसमें नागपुर और औरंगाबाद जेल के कैदी भी शामिल हैं। जेल के अधिकारियों के मुताबकि, योग से कैदियों में बदलाव आ रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘योग की वजह से दोषी पहले से फिट और अच्छे लगने लगे हैं। उनमें से कुछ मेडिटेशन भी करते हैं ताकी उनका दिमाग ठंडा रह सके।’

इजरायल से आया आईडिया: जेल अधिकारियों ने बताया कि जेल प्रशासन के कुछ लोग इजरायल की जेल के दौरे पर गए हुए थे। वहां के कैदियों को योग करवाया जाता था।

Courtesy-Jansatta

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