20 घंटे में ही भारत लौटे राजनाथ, सार्क सम्मेलन में पाक को दिखाया आईना

20 घंटे में ही भारत लौटे राजनाथ, सार्क सम्मेलन में पाक को दिखाया आईना

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नई दिल्ली/इस्लामाबाद : पाकिस्तान में सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को आईना दिखा दिया. राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा और सबसे बड़ी  चुनौती है. राजनाथ ने काबुल, ढाका और भारत के पठानकोट में आतंकी हमले का भी मुद्दा उठाया. वे तय समय से पहले ही भारत लौट आए.

20 घंटे से भी कम वक्त का दौरा कर राजनाथ भारत लौटे

इस दौरान भारत के गृहमंत्री को लेकर पाकिस्तान से तनातनी भी दिखी. भाषण के बाद राजनाथ ने पाकिस्तान के गृह मंत्री से हाथ भी नहीं मिलाया. भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच बहस भी हुई. फोटो खींचने को लेकर यह बहस हुई थी. इसके बाद गृहमंत्री ने पाक का बिना नाम लिए ही आतंक के लिए उसे सीधे जिम्मेदार ठहराया. इसके बाद 20 घंटे से भी कम वक्त का दौरा कर राजनाथ भारत लौट आए. उन्हें शाम 5 बजे आऩा था.

पहले ही साफ था कि द्विपक्षीय बैठक नहीं

गृहमंत्री राजनाथ सिंह दक्षेस की मंत्री स्तरीय बैठक से इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष चौधरी निसार अली खान के साथ कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं की. गृह सचिव राजीव महर्षि ने इस बात की जानकारी पहले ही दी थी. इससे पहले बातचीत को लेकर कयास लगाए जा रहे थे.

राजनाथ सिंह कल शाम पाकिस्तान पहुंच गए थे

सातवें दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क/दक्षेश) के गृह मंत्री स्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सिंह कल शाम यहां पहुंचे थे. ऐसा बताया जा रहा था कि वह इस सम्मेलन के दौरान घोषित वैश्विक आतंकी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम का मुद्दा और सीमापार के आतंकवाद का मुद्दा भी उठाएंगे.

कई चरण के विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया

गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारियों के बीच कल देर रात चले कई चरण के विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया था. अन्य गृह मंत्रियों के साथ-साथ सिंह भी शरीफ के साथ की जाने वाली शिष्टाचार भेंट में शामिल हुए और उनसे मुलाकात भी की.

आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत

एक दिवसीय सम्मेलन में शिरकत करने के लिए इस्लामाबाद रवाना होने से पहले सिंह ने कहा था कि वह ‘आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ क्षेत्र के भीतर अर्थपूर्ण सहयोग की अनिवार्यता को रेखांकित किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं.’

सम्मेलन चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध करवाता है

सिंह ने कहा था, ‘यह सम्मेलन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच उपलब्ध करवाता है.’ सिंह पाकिस्तान को भारत में आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देने और लश्कर-ए-तैयबा एवं जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों पर लगाम लगाने के लिए कह सकते हैं. हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की बीते आठ जुलाई को जम्मू-कश्मीर में हुई मौत के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव है.

पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी वानी की तारीफ की थी

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वानी की न सिर्फ तारीफ की थी बल्कि यह भी कहा था कि ‘कश्मीर एक दिन पाकिस्तान बन जाएगा.’ इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि उनका (नवाज शरीफ का) राज्य को अपने देश (पाकिस्तान) का हिस्सा बनाने का सपना ‘कभी पूरा नहीं होगा..कायनात के खत्म हो जाने पर भी नहीं.

Courtesy: ABPNews

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