महंत ज्ञानदास नहीं चाहते UP में BJP सरकार, बोले- नहीं चाहिए खून से सना मंदिर, कारोबार कर रहे VHP जैसे संगठन

महंत ज्ञानदास नहीं चाहते UP में BJP सरकार, बोले- नहीं चाहिए खून से सना मंदिर, कारोबार कर रहे VHP जैसे संगठन

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख और अयोध्या की हनुमान गढ़ी के महंत ज्ञान दास ने कहा है कि वो “खून में सना राम मंदिर” नहीं चाहते हैं। दास मानते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर तभी बनेगा जब “भगवान राम चाहेंगे।” शनिवार को दास ने मीडिया से कहा कि विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) जैसे सगंठन कभी अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनवाएंगे। दास ने कहा कि वीएचपी जैसे संगठन राम मंदिर के नाम पर “अपना कारोबार चलाते हैं।”  उन्होंने कहा कि कुछ दूसरे लोग इस मुद्दे से “राजनीतिक फायदा” उठाने की कोशिश कर रहे हैं। दास उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव की सम्मान सभा में बोल रहे थे।

ज्ञान दास ने दावा किया कि वो और हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर अदालत से बाहर आपसी सहमति से समझौता करने के कगार पर थे। इस मामले में सबसे बुजुर्ग याचिकाकर्ताओं में से एक अंसारी की हाल ही में मृत्यु हो गई। दास ने आरोप लगाया कि “कुछ संगठनों की वजह से” ये समझौता अंतिम रूप नहीं ले सका। दास ने कहा कि इस देश में रहने वाले सभी लोग “हिन्दुस्तानी” हैं लेकिन कुछ कट्टरपंथी लोगों को जाति और धर्म के नाम पर लड़ा रहे हैं। यूपी की समाजवादी पार्टी सरकार की तारीफ करते हुए दास ने कहा कि इस सरकार ने

संस्कृत स्कूलों के लिए पिछली किसी भी सरकार से ज्यादा काम किया है। दास ने आरोप लगाया कि यूपी की राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने संस्कृत स्कूलों को टीचरों की तनख्वाह रोक दी थी। दास के अनुसार इस समय देश में दो ही सीएम यूपी में अखिलेश और बिहार में नीतीश कुमार अच्छा काम कर रहे हैं। दास चाहते हैं कि अखिलेश दोबारा यूपी के सीएम बनें।

Courtesy-Jansatta 

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