तो क्या राजनाथ होंगे BJP की चुनावी टीम के कैप्टन ?

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लखनऊ। विधान सभा चुनाव जैसे जैसे पास आ रहे हैं वैसे वैसे राजनैतिक दलों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी भी सूबे में जल्दी ही बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में है। इस बात को बल देती है झांसी में पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक। झांसी में भाजपा ने  जिस अंदाज में चुनावी हुंकार भरी वह दर्शाता है  कि विधान सभा चुनाव में भाजपा जीत हासिल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार है। इसी क्रम में सोमवार को नई दिल्ली में बसपा से बागी स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा की सदस्यता दे दी गयी। पिछड़े वर्ग को लुभाने के लिए स्वामी को चेहरा  बनाया जा सकता है। ये भी साफ़ है कि स्वामी के साथ बसपा का एक बड़ा खेमा खड़ा है जिनकी टिकिट बसपा से काटी जा चुकी चुकी है। देर सवेर इनको भी भाजपा में जगह मिल सकती है।

राजनाथ के साथ भारी लोकप्रियता

वही कई साल बाद राजनाथ सिंह का प्रदेश की कार्यसमिति में आना और उनका भव्य स्वागत कार्यकर्ताओं में उनकी पकड़ दर्शाता है। जहां अभी भी भाजपा किसी एक सीएम चेहरे पर मोहर नहीं लगा पायी है वहीँ राजनाथ की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें चुनाव की अगुवाई सौंपी जा सकती है। हाल ही हुए उनके पाकिस्तान दौरे से संसद से लेकर भाजपा मुख्यालयों तक राजनाथ की प्रशंसा हुई है। इन सब को देखते हुए जिस तरह से राजनाथ सिंह का लखनऊ में स्वागत हुआ, उससे साफ हो गया कि कार्यकर्त्ता यूपी चुनाव में उन्हें अपना कैप्टिन मान चुके हैं।

राजनाथ ने खुद दिए इसके संकेत

इसके संकेत खुद राजनाथ ने अपने लखनऊ दौरे पर दिए थे। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि वे यूपी चुनाव के लिए अपना पूरा समय देने को तैयार है। पार्टी में हो रही चर्चाओं में सीएम चेहरे को लेकर बेशक भाजपा खेमे में कई गुट हों लेकिन चुनाव में अगुवाही के लिए पार्टी नेता और कार्यकर्ता राजनाथ सिंह के नाम पर राज़ी हैं।

सपा और बसपा पर साधा था निशाना

ऐसे में राजनाथ को यह जिम्मेदारी सौंपने लगभग तय माना जा रहा है। सपा और बसपा को टक्कर देने के लिए भाजपा को एक ऐसे बड़े चेहरे की ज़रुरत है जो इन दोनों को कटघरे में ले सके। हाल ही में लखनऊ से संसद और ग्रह मंत्री राजनाथ सिंह अपने लखनऊ दौरे पर प्रदेश सरकार को घेर चुके हैं। ऐसे में सपा और बसपा को चुनाव में टक्कर देने के लिए पार्टी के पास राजनाथ से अच्छा विकल्प फ़िलहाल नहीं दिख रहा है।

Courtesy: Patrika.com

Categories: Politics, Regional

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