नीली जैकेट देखकर भडके भाजपाई, बोले मायावती के लिए जासूसी करने आए हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनउ। भाजपा में शामिल होने के बाद बुधवार को जब स्वामी प्रसाद मौर्य प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे तो वे नीली जैकेट पहने हुए थे। नीली जैकेट देखकर भगवा रंग में रंगे बसे भाजपा कार्यकर्ता भडक उठे। उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। कार्यकर्ता बोले की स्वामी प्रसाद मौर्य मायावती के लिए जासूसी करने भाजपा में आए हैं। ये टिकाउ नहीं बिकाउ नेता हैं। ऐसे नारों से स्वामी प्रसाद मौर्य और भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं के बीच झडपें भी हुईं।
इसके पहले उनका विरोध आगरा, गाजियाबाद, इलाहाबाद, और वाराणसी में भी हो चुका है। बीएसपी छोड़ बीजेपी में स्वामी प्रसाद मौर्या के शामिल होते ही इलाहाबाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बीजेपी को सावधान रहने को कहा।

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यूपी विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर इलाहाबाद की जमीन पूरी तरह से सियासी रंगों में रंगी नजर आ रही हैं। बीजेपी सियासत के मैदान में खुद का सिक्का जमाने के लिए सभी दांवपेच आजमाने में लगी है। पिछड़ी और दलित वोट को बीजेपी के खाते में लाने के लिए पहले केशव प्रसाद मौर्या को यूपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया। अपना दल सांसद अनुप्रिया पटेल को केंद्रीय मंत्री पद दिया। इसके बाद बीएसपी के पूर्व कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के लिए बीजेपी के द्वार खोला। बीजेपी में स्वामी के शामिल होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
विरोध का नजरालखनउमें बखूबी देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्या के बीजेपी में शामिल होते ही चैराहे पर बगावत करते नजर आए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्वामी प्रसाद मौर्या हमेशा से भगवा को आतंकवाद का दर्जा देते आए हैं। ऐसे नेता के बीजेपी में शामिल होने से कई समुदाय के लोग आहत हुए हैं। इसका असर आने वाले चुनाव में पड़ सकता है। इससे यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में बीजपी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले समय में विरोध का यह स्वर और अधिक हो सकता है। इसका खामियाजा बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है।

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