16 लाख वर्कर्स हड़ताल पर: 900cr के नुकसान का अनुमान, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

16 लाख वर्कर्स हड़ताल पर: 900cr के नुकसान का अनुमान, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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लखनऊ. राज्‍य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बुधवार से 3 दिन की महाहड़ताल पर हैं। इसमें 250 कर्मचारी और शि‍क्षक संगठनों के करीब 16 लाख से ज्‍यादा कर्मचारी शामिल हुए हैं। इस महाहड़ताल से एक दिन में करीब 200 करोड़ के राजस्व के नुकसान का अनुमान है। नए रजिस्ट्रेशन, टैक्स समायोजन, कर निर्धारण ठप होने से विभाग को करीब 400 करोड़ के नुकसान होने का अनुमान है। वहीं, विधानसभा का घेराव करने पहुंचे 40 हजार सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ले लाठीचार्ज कर दिया है। हड़ताल से सरकारी मशीनरी चरमराई

– यूपी एसोचैम के कार्यवाहक प्रेसिडेंट विजय आचार्य का कहना है कि सरकार के 16 लाख कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पूरी सरकारी मशीनरी चरमरा गई है।

– सभी विभागों का काम प्रभावित हुआ है। अनुमान है कि करीब 900 करोड़ रुपए का सरकार को घाटा हुआ होगा।

– वहीं, कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी का कहना है कि हमने जो आकलन किया है, उसके हिसाब से सरकार को 700 से 800 करोड़ रुपए का पहले दिन घाटा हुआ है।

हड़ताल के चलते अस्पतालों से लौटाए गए मरीज

– बता दें, यूपी भर में इस महाहड़ताल के चलते अस्‍पतालों, पैथालॉजी की जांच प्रभावित हो गई। मरीज यहां से लौटाए गए, जिससे उन्‍हें काफी परेशानी हुई।

– अस्‍पताल में दवा के काउंटर भी 3 घंटे के लिए बंद रहे।

– स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन भी हड़ताल में शामिल रहे।

– राजधानी के सिविल, लोहिया, बलरामपुर, डफरिन, लोकबंंधु जैसे अस्‍पतालों में प्रदर्शन हो रहा है।

– वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों में लैब टेक्निशियन, रेडियोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ शामिल हैं।

– डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों को तो देखा, लेकिन जांच न होने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।

11 बजे के बाद शुरू हुई जांच

– 8 से 11 बजे तक रही हड़ताल के बाद अस्पतालों में मरीजों की जांच के साथ ही अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे का काम भी शुरू हुुआ।

– जांच का काम शुरू होते ही मरीजों की लंबी लाइनें लग गई, जिससे हड़ताली कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मंगलवार तक हालात में होगा सुधार

– अगर कर्मचारियों को लेकर शासन की तरफ से कोई रास्ता नहीं निकाला जाता है तो बुधवार से शुरू हुई 3 घंंटे की हड़ताल आने वाले 2 दिनों तक और चलेगी।

– शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार होने के चलते इनडोर ओपीडी का काम प्रभावित होना तय है। रविवार के बाद सोमवार को 15 अगस्त है, इसलिए जांच की व्यवस्था के मंगलवार को पटरी पर आने के आसार हैं।

सफाई कर्मचारियों ने कर दिया पथराव

अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे सफाई कर्मचारियों को जब पुलिस ने रोका तो कर्मचारियों ने पथराव कर दिया।

– इसके बाद पुलिस ने सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए।

– वहीं, सफाई कर्मचारियों के पथराव से कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

प्रदेश भर के कर्मचारियों को बुलाया गया

– प्रदेश भर के सफाई कर्मचारियों को विधानसभा का घेराव करने के लिए बुलाया गया था।

– वे लखनऊ नगर निगम के सामने इकट्ठा हुए, जहां पहले सफाई कर्मचारियों के नेताओं ने संबोधन दिया।

– इसके बाद सफाई कर्मचारी विधानसभा का घेराव करने के लिए रवाना हुए।

25 सफाई कर्मचारी हुए घायल

– नगर निगम कर्मचारी संघ के नेता दुर्गेश बाल्मीकि ने बताया कि पुलिस की लाठीचार्ज में 25 लोग घायल हुए हैं, जिन्‍हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

– कर्मचारी विजय बाल्मीकि को सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, उन्‍हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

क्या है मांगें?

– नगर विकास विभाग के जारी शासनादेश में संविदा सफाई कर्मचारी के पदों पर नियुक्ति के लिए लागू आरक्षण व्यवस्था को निरस्त किया जाए।
– सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शासकीय संकल्प 26 सितंबर 1968 के आधार पर की जाए।
– नगर निगम और नगर पालिका परिषदो के 35 हजार पदों पर सफाई कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति कर्मचारियों के रुप में की जाए।
– सफाई कर्मचारी के पद पर ठेकेदारी प्रथा को तत्काल बंद किया जाए।

250 संगठनों का समर्थन, 10 लाख कर्मचारी शामिल

– राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के प्रदेश अध्‍यक्ष हरि किशोर तिवारी के मुताबिक, महाहड़ताल को प्रदेश के करीब 250 कर्मचारी और शि‍क्षक संगठनों का समर्थन है।

– हड़ताल में 16 लाख से ज्‍यादा कर्मचारी शामिल हुए हैं।

वार्ता हुई थी पर नहीं हुआ समाधान

– उन्होंने बताया कि हमारी नगर विकास सचिव से वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने कहा कि ये हमारे स्तर से नही बल्कि संवैधानिक तरीके से हुआ है।
– इसलिए वह इसके लिए नगर विकास मंत्री से बात करेंगे।
– इसके लिए अल्टीमेटम दिया गया था कि अगर 30 जुलाई तक इसका कोई हल नही निकलता है तो हड़ताल पर चले जाएंगे।
– हालांकि, इसे टाल दिया गया था लेकिन अब फिर से विधानसभा का सफाई कर्मचारी घेराव करेंगे।

भीषण जाम से लोगों को हुई परेशानी

 हड़ताल, धरना प्रदर्शन और विधानसभा के घेराव के चलते राजधानी को भीषण जाम का सामना करना पड़ा।

– बीते दिनों होमगार्डों के प्रदर्शन के दौरान भी हजरतगंज में जाम लग गया था।

– हालांकि, हजरतगंज में धरना, प्रदर्शन जुलूस, जनसभा और रैली पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।

Courtesy: Bhaskar.com

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