82 साल के पिता से अंगूठों के निशान लेने के बाद हटा रही थी लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम, कैमरे में कैद हुई डॉक्‍टर

82 साल के पिता से अंगूठों के निशान लेने के बाद हटा रही थी लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम, कैमरे में कैद हुई डॉक्‍टर

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चेन्नई पुलिस ने एक महिला डॉक्टर को अपने 82 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। दिल की बीमार से पीड़ित महिला के पिता एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे। महिला ने अपने पिता से कुछ कागजात पर अंगूठे का निशान लगवाने के बाद जीवनदायी दवाओं को देने वाली नली (लाइफ सपोर्ट सिस्टम) निकालकर उन्हें मारने की कोशिश की थी। घटना पिछले साल सितंबर की है। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है। महिला के पिता की दो महीने बाद मृत्यु हो गई। व्यक्ति का पुत्र भी डॉक्टर है। उसने घटना के तुरंत बाद मामले की शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन पुलिस ने जनवरी 2016 में एफआईआर दर्ज किया।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार डॉक्टर जयासुधा मनोहरन ने अपने भाई डॉक्टर आर जयप्रकाश के चेन्नई स्थित आदित्य हॉस्पिटल में भर्ती अपने पिता को मारने की कोशिश की थी। जयासुधा ने जब अपने पिता को जीवनदायी दवाएं देने वाली नली को निकाल दिया तो अस्पताल के डॉक्टर और नर्स दौड़कर आए. जयासुधा ने उनसे कुछ कहा और तेजी से बाहर भाग गई। अस्पताल के कर्मचारी उसके पीछे भागे। टाइम्स ऑफ़ इंडिया अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दर्ज है।

डॉ जयप्रकाश ने फरवरी में तमिलनाडु स्टेट मेडिकल काउंसिल में डॉक्टर जयासुधाऔर उनके पति डॉक्टर यू मनोहरन और दोनों के बेटे डॉक्टर हरि प्रसाद के खिलाफ डॉक्टर ई राजागोपाल की हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कराया। जयप्रकाश ने इन सभी के मेडिकल प्रैक्टिस पर रोक लगाने की मांग की है। जयासुधा का परिवार कोयंबटूर के आरएस पुरम में स्थित मनोहरन हॉस्पिटल चलाता है। डॉक्टर जयप्रकाश ने घटना के सीसीटीवी फुटेज का संपादित और अंसपादित संस्करण के साथ एफआईआर की प्रति स्टेट मेडिकल काउंसिल में जमा की है।

मामले में पहले पुलिस ने जबरी घुसपैठ, उगाही और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया था। बाद में मामले की चार्जशीट में हत्या के प्रयास का आरोप भी जोड़ा गया। संबंधित थाने के इंस्पेक्टर त्यागराजन ने टीओआई के रिपोर्ट को बताया, “जब हमें पहले शिकायत मिली तो हमने सोचा कि ये भाई बहन के बीच दुश्मनी और उगाही का मामला है. बाद में जांच से पता चला कि मामले में जान से मारने की कोशिश भी की गई थी।” स्टेट मेडिकल काउंसिल ने जयासुधा और उनके परिवार से 22 जुलाई को अपना पक्ष पेश करने के लिए कहा था लेकिन उन लोगों ने काउंसिल से और समय देने की मांग की जिसे मंजूर कर लिया गया। काउंसिल मामले की स्वतंत्र जांच कराएगा।

Courtesy: Jansatta

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