लिंकन हों या गांधी, मेंटल प्रॉब्लम से बने महान!

लिंकन हों या गांधी, मेंटल प्रॉब्लम से बने महान!

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वॉशिगंटन
मनोचिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि अमेरिकी इतिहास में कुछ ऐसे महान नेता हुए जो मानसिक हेल्थ की समस्या से पीड़ित थे पर उन्हें इससे अपने समय के संकटों को सुलझाने में मदद मिली। प्रेजिडेंट अब्राहम लिंकन, जॉन एफ केनेडी, यूलिसिस एस ग्रैंट और विलियम टेकम्श शर्मन के साथ सिविल राइट्स लीडर मार्टिन लूथर, किंग जॉर्ज सभी मानिसक बीमारी से पीड़ित थे। सारे नेताओं ने सिविल वॉर में मिलकर काम किया था।

टफ्ट्स यूनिवर्सिटी में साइकायट्री प्रफेसर डॉ नासीर गायेमी का कहना है कि ये सभी डिप्रेशन से पीड़ित थे। नासीर ने ऐतिहासिक हस्तियों के साइकॉलजीकल मुद्दों पर लिखा है। उन्होंने इस कड़ी में ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल और भारतीय नेता महात्मा गांधी को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर हस्तियों को इमोशनल मुद्दों ने आगे बढ़ाया।

अमेरिकन साइकॉलजिकल असोसिएशन्स प्रफेशनल प्रैक्टिस प्रोग्राम के हेड साइकॉलजिस्ट कैथरीन नोर्डाल ने कहा, ‘कुछ लोग मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और उन्होंने महान काम किया। कैथरीन की बातों से अन्य प्रफेशनल्स ने सहमति जताई है। ‘अ फर्स्ट-रेट मैडनेस: अनकवरिंग द लिंक्स बिटवीन लीडरशिप ऐंड मेंटल इलनेस’ बुक के लेखक गायेमी ने कहा, ‘कुछ लोगों में मनोरोग था। मेरे विचार के मुताबिक यह उनके लिए कॉम्पलिमेंट था।

गायेमी अतीत के मेडिकल रेकॉर्ड्स का इस्तेमाल ऐतिहासिक हस्तियों के व्यक्तित्व के विश्लेषण में करते हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्मत अवसादग्रस्त लोग ज्यादा रचनात्मक होते हैं। मेंटली हेल्दी लोगों के मुकाबले ऐसे लोग ज्यादा समानुभूति रखने वाले और वास्तविकता के करीब होते हैं।’ इन लोगों ने अपने समय के संकटों को कायदे से निपटाया।

उन्होंने इस आधार पर नेताओं के दो प्रकार बताए हैं। शर्मन आंशिक रूप से अवसादग्रस्त थे। कहा जाता है कि वह आत्मघाती थे। जबकि जॉर्ज मैकलालेन मेंटली हेल्दी थे लेकिन वह संकट के वक्त में सफल नहीं हुए। ग्रैंट शराब से पीड़ित थे और उन्होंने युद्ध के वक्त में शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन उन्होंने शांतिकाल में प्रेजिडेंट की कमान संभाली तो बढ़िया नहीं कर पाए।

सबसे हाल का उदाहरण है कि चर्चिल लंबी अवधि के डिप्रेशन से पीड़ित थे। प्रधानमंत्री के रूप में इनके उत्तराधिकारी नेवेल चेंब्रलेन मानसिक रूप से स्वस्थ्य थे लेकिन वह हिटलर को नहीं भाप पाए थे। गायेमी ने कहा कि चर्चिल ने युद्धकाल में संकट के कायदे से निपटाया था लेकिन युद्ध के बाद वह नाकाम रहे।

Courtesy: NBT

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