#Rio: सपाट तलवों के कारण 5 साल की उम्र में रिजेक्ट हुई थीं दीपा, भारत को 120 साल में आज जिमनास्टिक का पहला गोल्ड दिला सकती हैं

#Rio: सपाट तलवों के कारण 5 साल की उम्र में रिजेक्ट हुई थीं दीपा, भारत को 120 साल में आज जिमनास्टिक का पहला गोल्ड दिला सकती हैं

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रियो डि जिनेरियो.23 साल की दीपा कर्माकर रविवार को रियो ओलिंपिक में जिमनास्टिक्स के फाइनल में उतरेंगी। ओलिंपिक हिस्ट्री के 120 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई भारतीय एथलीट जिमनास्टिक्स के फाइनल तक पहुंचा है। जिन दीपा से मेडल की उम्मीद है वे पांच साल की उम्र में सपाट तलवों की वजह से ट्रेनिंग के लिए भी रिजेक्ट कर दी गईं थीं। दीपा को लेकर उम्मीदों का आलम ये है कि जिस स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री ने उनके फिजियो साजिद मीर को पहले रियो भेजने से इनकार कर दिया था, अब उन्हें वहां भेज दिया है।पंजे मोड़कर घंटों खड़े रहती थीं….

– दीपा जब महज पांच साल की थीं तो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी साई के कैम्प में ट्रेनिंग लेने पहुंची। उनके फ्लेट फीट (तलवों का सपाट होना) थे। इसकी वजह से साई में उन्हें ट्रेनिंग के लिए भी रिजेक्ट कर दिया गया था।
– दरअसल, जिमनास्टिक्स में सपाट तलवों को बहुत बड़ी कमी माना जाता है। इसकी वजह से उछलने में दिक्कत आती है। दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने खुद दीपा को रिजेक्ट किए जाने की बात मानी है।
– फ्लेट फीट की कमी दूर करने के लिए दीपा कई घंटोंं तक पंजे मोड़कर खड़ी रहतीं। इससे उनकी फ्लेट फीट की दिक्कत काफी हद तक दूर हो गई।

सरकार को भी अब समझ में आया

– दीपा जब रियो के लिए रवाना हो रहीं थीं। तब उनके कोच नंदी और खुद दीपा ने स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री से अपने फिजियो साजिद मीर को साथ भेजने की अपील की थी।
– तब उनकी बात नहीं सुनी गई। लेकिन जैसे ही दीपा फाइनल में पहुंचीं, मिनिस्ट्री ने आनन-फानन में साजिद के पेपर्स तैयार कराए और उन्हें रियो भेजा गया।

प्रोडुनोवा यानीवॉल्ट ऑफ डेथलेकिन ऐसा क्यों?

– जिमनास्टिक्स में सबसे ज्यादा प्वॉइंट्स प्रोडुनोवा में ही मिलते हैं। 90 के दशक में येलेना प्रोडुनोवा ने यह वॉल्ट शुरू किया। बाद में उन्हीं के नाम पर इस वॉल्ट का नाम पड़ा। उनके बाद दुनिया में सिर्फ 4 जिमनास्ट ही ये कर पाई। उनमें दीपा कर्माकर भी शामिल है।

क्या होता है इस इवेंट में?

– इसमें जिम्नास्ट 25 किमी/घंटे की रफ्तार से स्प्रिंगबोर्ड की ओर दौड़ लगाती है।
– जमीन से 10-12 फीट की ऊंचाई हासिल करती है।
– 1.7 सेकंड में दो फ्रंट समरसाॅल्ट लगाती है। यदि सिर के बल गिरे तो मौके पर ही मौत की आशंका।
– फिर सामने सीधी लैंडिंग।

Courtesy: Bhaskar.com

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