पतंजलि ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों को ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा बताया

पतंजलि ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों को ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा बताया

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नई दिल्ली
बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने अपने बहुराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों पर जोरदार हमला करते हुए नए विज्ञापन में उनकी तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की है। यह आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (SJM) के विदेशी कंपनियों के खिलाफ ‘स्वदेशी’ अभियान की तर्ज पर है।

रामदेव पहले भी स्वदेशी का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है कि जब उन्होंने पतंजलि के विज्ञापन में इसे शामिल किया है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आए विज्ञापन में कहा गया है, ‘हमें 70 वर्ष पहले राजनीतिक स्वतंत्रता मिली थी, लेकिन आर्थिक स्वतंत्रता अभी भी एक सपना है। जिस तरह ईस्ट इंडिया कंपनी ने हमें गुलाम बनाकर लूटा था, मल्टिनैशनल कंपनियां भी साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, क्रीम, पाउडर और रोजाना के इस्तेमाल वाले आइटम्स महंगे दामों पर बेचकर वही कर रही हैं।’

स्वदेशी जागरण मंच ने नई फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट पॉलिसी के खिलाफ नौ अगस्त को एक विरोध अभियान शुरू किया था। उसका मानना है कि विदेशियों को फूड प्रोसेसिंग और एग्रीकल्चरल प्रॉडक्ट्स की मार्केटिंग की इजाजत देने से देश में छोटी दुकानों और यूनिट्स को काफी नुकसान होगा। हालांकि, ऑल इंडिया फूड प्रोसेसर्स असोसिएशन (AIFPA) का कहना है कि भारत एक फ्री मार्केट है और सभी के लिए खुला है। असोसिएशन के सदस्यों में कोका कोला और कैडबरी जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियां शामिल हैं।

AIFPA के प्रेजिडेंट, सागर कुराडे ने कहा, ‘कई देशों में व्यापार करने वाली विदेशी कंपनियां हों या घरेलू कंपनी, सभी को रेग्युलेशंस के अंदर ऑपरेट करना होता है। यह एक फ्री मार्केट है और हर कंपनी कन्जूयमर के भरोसे के आधार पर प्रॉडक्ट बेच सकती है।’ भारत ने हाल ही में एफडीआई नॉर्म्स में छूट देते हुए देश में बने फूड प्रॉडक्ट्स की ट्रेडिंग में 100 पर्सेंट इन्वेस्टमेंट की अनुमति दी थी। इंडस्ट्री के कुछ अनुभवी लोगों का मानना है कि देश में स्वदेशी भावना बहुत अधिक नहीं है।

फ्यूचर ब्रैंड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संतोष देसाई के मुताबिक, ‘एमएनसी के खिलाफ अविश्वास का रवैया भारत में कई दशकों से है। हालांकि, अभी यह काफी कम हो गया है। बाबा रामदेव लंबे समय से इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं।’ पतंजलि ने अपने विज्ञापनों के लिए सभी प्रमुख समाचार पत्रों, टेलिविजन चैनलों और रेडियो स्टेशनों के साथ टाई-अप किया है। लेकिन यह इन विज्ञापनों के लिए टेलिविजन पर ज्यादा जोर दे रही है।

पतंजलि के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने बताया, ‘हम प्राइम टाइम के दौरान लंबे समय के लिए कैम्पेन चला रहे हैं। हम इन विज्ञापनों का प्रसारण ऐसे सभी शो के दौरान करते हैं जो विदेशी, अश्लील और हिंसक नहीं हैं।’ इस कैम्पेन के साथ पतंजलि अगस्त के पहले सप्ताह में टेलिविजन पर सबसे बड़ी ऐडवर्टाइजर बन गई। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के डेटा के अनुसार, इस अवधि में यह कैम्पेन 21,923 बार दिखाया गया है।

Courtesy: NBT
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