मध्यप्रदेश : बीजेपी के पूर्व मंत्री ने ‘पकड़ा’ कांग्रेस का झंडा, राजनीति गरमाई

मध्यप्रदेश : बीजेपी के पूर्व मंत्री ने ‘पकड़ा’ कांग्रेस का झंडा, राजनीति गरमाई

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नई दिल्ली/भोपाल : बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने राजनीतिक हलकों में उस समय हलचल पैदा कर दी जब उन्होंने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस का झंडा थामे रखा. स्थानीय कांग्रेस विधायक आरिफ अकील पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता दिवस पर ‘पैगाम-ए-मोहब्बत’ कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं.

गौर ने स्वतंत्रता सेनानी के नाते कार्यक्रम मे भाग लिया

स्वतंत्रता दिवास के अवसर पर उन्होंने धार्मिक प्रमुखों, स्वतंत्रता सेनानियों और पार्टी के प्रमुख नेताओं को कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया था. गौर ने स्वतंत्रता सेनानी के नाते कार्यक्रम मे भाग लिया था. कांग्रेस विधायक और पूर्व विपक्षी नेता अजय सिंह

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गौर ने अपने हाथों में कांग्रेस का झंडा पकड़ लिया

इस मौके पर गौर ने अपने हाथों में कांग्रेस का झंडा पकड़ लिया. इससे हर कोई चकित रह गया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गयी.
अकील ने आज कहा कि निस्संदेह गौर बीजेपी से नाराज हैं, लेकिन वह पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य हैं. उससे गहराई से जुड़े हुए हैं. किसी ने उन्हें कांग्रेस का झंडा पकड़ा दिया और उन्होंने कार्यक्रम की सच्ची भावना के तहत झंडा पकड़ लिया.

कांग्रेस उनका खुले दिल से स्वागत करेगी

उन्होंने कहा कि इसमें और कुछ ज्यादा नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने हालांकि कहा कि अगर गौर, बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होते हैं तो पार्टी उनका खुले दिल से स्वागत करेगी. संपर्क किए जाने पर गौर ने कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी के रूप में हर साल उस कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं. अकील उन लोगों को सम्मानित करते हैं जो देश के लिए लड़े.

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कार्यक्रम के दौरान किसी ने उन्हें एक झंडा पकडा दिया

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान किसी ने उन्हें एक झंडा पकडा दिया. जैसे ही उन्हें पता लगा कि यह झंडा उनकी पार्टी का नहीं है. उन्होंने वापस लौटा दिया. उन्होंने कहा कि इसका विशेष अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि वह बीजेपी नहीं छोडेंगे. गौर ने कहा कि बीजेपी छोड़ने का सवाल ही नहीं पैदा होता क्योंकि इसने उन्हें काफी कुछ दिया.

उन्हें एक श्रमिक से मुख्यमंत्री बना दिया

इसने उन्हें एक श्रमिक से मुख्यमंत्री बना दिया. उन्होंने कहा कि इस पार्टी ने उन्हें काफी कुछ दिया और वह ऐसी पार्टी में क्यों जाएंगे जिसका अस्तित्व ही खतरे में है. गौर राज्य के गृह मंत्री भी थे और कहा जाता है कि जिस प्रकार उन्हें कैबिनेट से हटने के लिए कहा गया, उससे वह अप्रसन्न हैं. उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र में भी कई बार पार्टी को अपने तीखे सवालों से असहज स्थिति में डाल दिया था.

Courtesy: ABPNews

 

 

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