पहले खाया दलि‍त के हाथ का बना खाना, फिर राख खाकर किया प्रायश्चित

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बांदा. यहां यूपी सरकार की ‘हौसला पोषण योजना’ की शुरुआत के बीच गर्भवती महि‍लाओं ने एक स्कूल में बना भोजन खाने से इनकार कर दि‍या। उन्‍होंने कहा कि‍ अगर खाना खा लिया तो उनके देवी-देवता नाराज़ हो जाएंगे क्‍योंकि‍ इसे दलित रसोइया महिला ने बनाया था। एक महिला ने खाना खा लिया था तो उसने राख खाकर इसका प्रायश्चित किया। क्या है पूरा मामला

– दरअसल, यूपी सरकार ने गर्भवती महिलाओं के हेल्‍थ का ध्‍यान रखने के लिए बुधवार से ‘हौसला पोषण योजना’ शुरू की है।

– बांदा के नरैनी थाना इलाके के गांव रगौली भटपुरा के सरकारी स्‍कूल में आंगनवाड़ी केंद्र है।
– यहां ‘हौसला पोषण योजना’ के तहत गर्भवती महिलाओं को खाना खिलाया जाना था।
– इसके लिए गांव की गर्भवती महिलाओं को बुलाया गया।
– यह खाना दलित रसोइया विमला ने बनाया।
– खाना खाने आईं सवर्ण जाति की महिलाओं को इसकी भनक लग गई।
– उन लोगों ने कहा कि‍ दलित का छुआ नहीं खाते हैं।

सूचना पर पहुंचे अधिकारी

– घटना की सूचना पर सुपरवाइजर मंजू वर्मा और सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. वैभव मौके पर पहुंचे।
– उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं।
– इस पर उन्हें फल दिए गए।

शुद्धिके लि खाई राख

– एक महिला कुसुमकली ने दबाव में आकर खाना खा लिया।
– महिला के अंदर दलित के हाथ का बना खाना खाने का डर बैठ गया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई।
– गांव वालों के अनुसार शुद्धि‍ के लि‍ए महिला ने गांव में ही बने मंदिर में जाकर मुट्ठी भर भभूत की राख खा ली।
– दावा किया गया कि भभूत खाकर प्रायश्चित करने के बाद वह ठीक हो गई।
– एसडीएम नरैनी का कहना है कि मामला छुआछूत का नहीं है।
– किसी तांत्रिक ने महिला को किसी का भी छुआ खाने-पीने से मना किया था, इसलिए ऐसा हुआ।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

– बुंदेलखंड में छुआछूत का यह पहला मामला नहीं है।
– झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, महोबा और हमीरपुर में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
– कई स्कूलों में दलित बच्चों को अलग बैठाया जाता है।
– झांसी में बगल में प्लॉट खरीदने पर दलि‍त को बंधक बनाकर पीटा गया था।
– जालौन में बारात के साथ खाना खाने पर दलित की नाक काट ली गई थी।
– हमीरपुर में दलित होने का पता चलने पर नाई ने दलित की आधी शेविंग कर भगा दिया था।
– हमीरपुर में ही मंदिर में घुसने पर दलित वृद्ध की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी।
– बांदा में दलितों को पानी नहीं भरने देने के लिए हैंडपंप में ताला डाले जाने की तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

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