डेवलपमेंट के गढ्ढों में 3 घंटे जाम में फंसा मोदी का संसदीय क्षेत्र, देखें PHOTOS

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वाराणसी. पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र स्मार्ट सिटी के लिस्ट में लगातार नीचे जा रहा है। इसके मुख्य कारणों में यहां का ट्रैफिक सिस्टम भी रहा है। शहर के सबसे व्यस्तम मार्गों पर तीन घंटेे से जाम लगा है। पहाड़िया, कचहरी, नदेसर, तेलियाबाग, मलदहिया, चौकाघाट, कैंट, सिगरा, भेलूपुर, दुर्गाकुंड, गोदौलिया, सोनारपुरा, लहुराबीर, जंगमबाड़ी, कामाक्षा, रथयात्रा, खोजवा, संखूधारा, महमूरगंज,चौक में भीषण जाम लगा है। यहांं तक कि बनारस का हार्ट कहे जाने वाले गलियों में भी जाम लगा है। एसपी कमल किशोर ने विशेष बातचीत में सबसे बड़ी समस्या बाारिश के बाद सड़कों पर बने गढ्ढों को बताया। उन्‍होंने बताया कि दो दिनों की छुट्टी के बाद मंगलवार को लोगों की आवाजाही ज्यादा है। आबादी- 30 लाख के ऊपर…

 – आबादी- 30 लाख के ऊपर।

– दो लाख के ऊपर गाड़ियां।

– चौराहे- 84 से ऊपर।
– कांस्टेबल- 170, जरुरत- 275।
– होमगार्ड- 170, जरुरत- 250 के ऊपर।
– ट्राफिक ब्रिगेड- 80, जरुरत- 100 के ऊपर।
– हेड कांस्टेबल- 20, जरुरत- 25।
– सब इंस्पेक्टर- 5, जरुरत 8।
– इंस्पेक्टर -1
– सीओ- 1, जरुरत -2
– इंस्पेक्टर- 15, जरुरत 18 की।
– ट्रैफ‍िक जाम का कारण- 50 से ऊपर जगहों पर खुदाई, सिग्नल सिस्टम न होना।
– भविष्य की योजना- इंट्रीगेटेड सिस्टम।
– स्वक्षता मिशन में 65 वे पावदान पर हैंं।
– बनारस 2014 के सर्वे में 59 वे स्थान पर था।
– नवम्बर में फिर से सर्वे होना है।

– सड़कों पर चल रही 60 से ऊपर स्थानों पर खुदाई से समस्या?

– सड़कों की इन योजनाओं पर काम चल रहा है।

– अमृत योजना- पीएम मोदी ने 25 जून 2015 में लांच किया योजना –पेयजल ,सीवरेज काम शुरू हुआ ।
– स्टेटस- 20 फीसदी।
– कब पूर्ण होना है- दिसंबर- 2017।

आईपीडीएस के तहत खुदाई

 – पीएम मोदी ने डीएलडब्लू मैदान से शुरुआत किए थे। 18 सितम्बर 2015 को 500 करोड़ की इंट्रीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट योजना।
– काम जो होगा- अंडर ग्राउंड केबलिंग का काम होगा।
– राजघाट से शहर की ओर, गंगा से पूरब फिर पूरब से पश्चिम की ओर 8 किमी काम होगा। शहर के सभी विद्युत केबिल अंडर ग्राउंड होने है। तीन फेज में इसमें काम होना है।
– स्टेटस- 30 फीसदी।
– फर्स्ट स्टेज- 2017 दिसंबर।

– वाराणसी शहर के लिए जारी 5700 परमिट के सापेक्ष लगभग 20000 आटो रिक्शा।
– 10 स्थानो पर लगे ट्रैफिक सिग्नल खराब है।
– स्कूलों के 300 बड़ी बसों का व्यस्त मार्गों पर चलना।

 Courtesy: Bhaskar.com
Categories: Politics, Regional

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