अयोध्या में ढही मंदिर की छत, दो लोगों की मलबे में दबकर मौत

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अयोध्या कोतवाली के तुलसीनगर मोहल्ला स्थित यादव मंदिर की छत मंगलवार रात अचानक ढह गई। इस घटना में मंदिर में मौजूद एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबे गए। हादसे के बाद मंदिर में अफरातफरी मच गई।

सूचना पर पुलिस और आसपास के लोग पहुंचे। सभी ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे छह लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। इसमें एक की पहचान हो चुकी है।

नगर में इन दिनों सावन झूला मेला चल रहा है। इसी में श्रावस्ती और आसपास के जिलों से श्रद्धालु आए थे जो कि तुलसीनगर के यादव मंदिर में रात्रि विश्राम को ठहरे थे। रात करीब सवा 11 बजे रिमझिम बारिश के दौरान अचानक मंदिर की छत भराभराकर ढह गई।

हादसे के बाद परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अयोध्या के श्रीराम अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में एक तेज बहादुर (34) निवासी भिनगा श्रावस्ती और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा जिन लोगों को घायल अवस्था में लाया गया उनमें सावित्री (26) पत्नी शिव कुमार, उसका बेटा शिवम (एक साल), निवासी कुडरी थाना ललिया जिला बलरामपुर, संतोष (26) पुत्र रामजस सिंह कमालपुर छपिया जिला गोंडा, मनीराम यादव (60), राजपुर रानी भिनगा श्रावस्ती शामिल हैं।

हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। देर रात मौके पर जिलाधिकारी किंजल सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। एसएसपी मोहित गुप्ता का कहना है कि मंदिर पुराना व जर्जर था।

पता चला है कि मंदिर के महंत और भूस्वामी के बीच विवाद था। मालिक का कहना कि हम मंदिर दुरुस्त कराना चाहते थे। लेकिन महंत नहीं कराने दे रहे थे। इससे जर्जर होकर भवन गया।

Courtesy: Amarujala

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