चचेर भाई ने कबूला, बहन का चरित्र ठीक नहीं था इसलिए गला घोंटकर मार डाला

चचेर भाई ने कबूला, बहन का चरित्र ठीक नहीं था इसलिए गला घोंटकर मार डाला

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जयपुर/बस्सी: बस्सी पुलिस ने गला दबाकर युवती की हत्या के मामले में 36 घंटे के भीतर बुधवार को आरोपित चचेरे भाई और उसके दोस्त को दबोच लिया। आरोपित ने दो दोस्तों की मदद से इन्द्रा गांधी नगर में खाली मकान में युवती की हत्या की और कार में तीन घंटे तक शव लेकर घूमते रहे। फिर जयपुर-आगरा हाईवे पर रीको औद्योगिक क्षेत्र आवासीय कॉलोनी के पास शव फेंक गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपित युवती के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था। उसने चरित्र पर संदेह के चलते युवती की हत्या करना कबूला है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि पाड़ला मंडावर, दौसा निवासी राधेश्याम, हबीपुरा-भिण्ड निवासी सत्यनारायण उर्फ सत्यपाल जाटव को गिरफ्तार किया है। राधेश्याम एलआईसी में एएओ और जयपुर में उसकी तैनाती है। उसने कबूला कि चचेरी बहन मंजू मीणा (23) इंश्योरेंस कम्पनी में क्लर्क थी। उसकी पोस्टिंग सीकर में थी। बहन का चरित्र ठीक नहीं था। इससे परिवार की बदनामी हो रही थी।

कार में शव डालकर तीन घंटे तक घूमे

वह और परिजन परेशान थे। इसलिए दोस्त सत्यनारायण और सुखवीर के साथ उसकी हत्या की योजना बनाई थी। पूछताछ में पहले वह टाल-मटोल करता रहा लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर टूट गया और हत्या करना कबूल लिया। फोन कर बस से उतरने को कहा। छुट्टी के बाद सोमवार दोपहर एक बजे मंजू घर से सीकर जाने को निकली। उसने युवती को फोन कर कागजात देने के लिए रास्ते में उतरने को कहा। वे मंजू को राधेश्याम जगतपुरा स्थित इन्द्रा गांधी नगर के खाली मकान में ले गया। मकान में उसके साथी सत्यनारायण व सुखवीर जाटव बैठे थे। राधेश्याम व उसके दोनों दोस्तों ने मंजू के स्कॉर्फ से ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर दोस्त की कार में उसका शव डालकर करीब तीन घंटे तक घूमे।

शव हाईवे किनारे फेंका

पुलिस ने बताया कि सोमवार रात 8.30 बजे रीको के निकट काटी जा रही आवासीय कॉलोनी के पास रहने वाले एक व्यक्ति से सूचना दी कि कुछ बदमाश जयपुर-आगरा हाईवे से सफेद रंग की बोलेरो में कॉलोनी में आए और उसमें सवार युवती का शव फेंककर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को मौके पर शव उलटा पड़ा मिला। शव को पलटने पर उसके मुंह व चेहरे से खून बह रहा था तथा मुंह से झाग निकल रहे थे, पीठ पर काले रंग का टे्रवलिंग बैग लगा था।

सीकर जा रही थी

पुलिस ने बताया कि युवती की 2010 में शादी हुई थी। 2012 में उसका तलाक भी हो गया था। बाद में वह कॉम्पटिशन की तैयारी करने लगी। 2014 में उसकी नौकरी सीकर में लग गई। बैंक की 3 दिन की छुट्टी होने के कारण वह अपने घर पर आई थी। सोमवार को वह सीकर जाने के लिए गांव से दिन में एक बजे बस में बैठकर रवाना हुई थी। इसके बाद उसका शव रात करीब साढ़े आठ बजे बोलेरो सवार कुछ लोग रीको औद्योगिक क्षेत्र के पास आवासीय कॉलोनी में पटक गए। थानाधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि मृतका के पास मिले मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

Courtesy: Rajasthanpatrika

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