RIO 2016: खत्म हुआ पहले मेडल का इंतजार, साक्षी मलिक ने महिला कुश्ती में जीता ब्रॉन्ज

RIO 2016: खत्म हुआ पहले मेडल का इंतजार, साक्षी मलिक ने महिला कुश्ती में जीता ब्रॉन्ज

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रियो डि जिनेरियोरियो ओलंपिक में भारत के पहले मेडल का इंतजार खत्म हो गया है. 11 दिन की मायूसी के बाद भारतीय प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका मिल गया है. 58 किलोग्राम वर्ग में महिला पहलवान साक्षी मलिक ने किर्गिस्तान की ऐसुलू ताइनीबेकोवा को 8-5 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता.

पहले पीरियड में 5-0 से पिछड़ने के बाद साक्षी ने दूसरे पीरियड में 8 अंक बनाए और भारत को रियो ओलंपिक का पहला पदक दिलाया. भारतीय इतिहास में पहली बार किसी महिला पहलवान ने ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीता है.

रेमपेज के सहारे जीता पदक

क्वार्टर फाइनल मुकाबला हारने के बाद साक्षी की उम्मीद रेपचेज मुकाबलों से थी. क्वार्टर फाइनल में साक्षी को हराने वाली रूस की पहलवान कोबलोवा झोलोबोवा वालेरिया ने फाइनल में प्रवेश कर लिया, जिससे साक्षी को यह मौका मिला. साक्षी ने इस मौके का फायदा उठाया और अपने दोनों मुकाबले जीत कर भारत को पहला पदक दिलाया.

दूसरे दौर के रेपेचेज मुकाबले में साक्षी का सामना मंगोलिया की ओरखोन पुरेवदोर्ज से हुआ जिन्होंने जर्मनी की लुईसा हेल्गा गेर्डा नीमेश को 7-0 से हराकर भारतीय पहलवान से भिड़ने का हक पाया था.

साक्षी ने ओरखोन को एकतरफा मुकाबले में 12-3 से हराकर ब्रॉन्ज के मुकाबले में जगह बनाई. ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में साक्षी की भिड़ंत ताइनीबेकोवा से थी.

कैसी रही टक्कर?

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में साक्षी को झोलोबोवा वालेरिया ने 9-2 से करारी शिकस्त दी. साक्षी पहले पीरियड में 1-0 से पीछे चल रहीं थीं. उन्हें इस पीरियड में एक चेतावनी भी मिली.

दूसरे पीरियड में 3-0 से पिछड़ने के बाद साक्षी ने दो अंक लेकर वापसी की, लेकिन रूस की खिलाड़ी ने तुरंत पांच अंक लेकर उनकी हार तय कर दी. इसके बाद रूसी पहलवान ने दो अंक और हासिल किए और भारतीय खिलाड़ी के ओलम्पिक सफर को खत्म किया.

बुधवार को ही हुए अपने पहले मुकाबले में स्वीडन की पहलवान मलिन जोहान्ना मैटसन को 5-4 से हराया था जबकि दूसरे मुकाबले में उन्होंने मालदोवा की इसानू मारियाना चेरदिवारा को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी. स्कोर 5-5 से बराबर रहने के बाद साक्षी तकनीकी अंकों के आधार पर जीतने में सफल रहीं थीं.

पहलवानी में पदक जीतने वाली पहली महिला

ओलंपिक में भारत के लिए साक्षी से पहले कभी किसी महिला पहलवान ने पदक नहीं जीता था. साक्षी के पहले भारत की ओर से ओलंपिक में सिर्फ तीन महिला खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी, मैरी कॉम और साइना नेहवाल ही पदक जीत सकी थीं.

साल 2015 में हुए एशियन चैम्पियनशिप में पोडियम फिनिश करने वाली साक्षी ओलम्पिक में कुश्ती में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.

इस स्पर्धा का स्वर्ण जापान की कोओरी इको ने जीता जबकि रूस की वालेरिया काबलोवा ने रजत हासिल किया. काबलोवा ने ही क्वार्टर फाइनल में साक्षी को हराया था.

आठ बार की अफ्रीकन चैम्पियन ट्यूनिशिया का मारवा अमरी ने इस स्पर्धा का दूसरा कांस्य जीता.

कुश्ती में कमाल जारी है

भारत ने इस तरह बीजिंग ओलंपिक 2008 से कुश्ती में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है और लगातार तीसरे ओलंपिक में कुश्ती में पदक जीतने में सफल रहा. बीजिंग में सुशील कुमार ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. सुशील ने इसके बाद लंदन 2012 में अपने कांसे के तमगे को रजत पदक में बदला जबकि योगेश्वर दत्त भी कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे थे. महिला कुश्ती में हालांकि यह भारत का पहला पदक है.

आखिर पदक का सिलसिला जारी 

भारत 1996 अटलांटा ओलंपिक से हर बार पदक तालिका में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा था लेकिन इस बार उस पर खाली हाथ लौटने का खतरा मंडरा रहा था. साक्षी ने हालांकि प्रतियोगिता के 12वें दिन भारत को पहला कांस्य पदक दिलाया. भारत पिछली बार ओलंपिक खेलों से 1992 में बार्सीलोना से खाली हाथ लौटा था.

Courtesy: ABPNews

 

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