रियो: भारतीय ऐथलीट को पानी तक नहीं मिला, बेहोश होकर गिरी

रियो: भारतीय ऐथलीट को पानी तक नहीं मिला, बेहोश होकर गिरी

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बेंगलुरु

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर पीने को पर्याप्त पानी न मिले तो मैराथन (42.195 किलोमीटर) दौड़ना कितना मुश्किल होगा? यह आप नैशनल रेकॉर्ड धारक धाविका ओपी जायशा से पूछ सकते हैं जो थकान भरी इस दौड़ की समाप्ति पर बुरी तरह से हिम्मत हार गईं और बेहोश होकर गिर पड़ीं। और धन्यवाद कहिए भारतीय अधिकारियों को जिन्होंने उन्हें विमिंज़ रेस के दौरान रिफ़्रेशमेंट पॉइंट्स पर पानी तक उपलब्ध नहीं कराया।

परीक्षा की उस घड़ी को याद करते हुए जायशा ने हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, ‘वहां पर अन्य सभी देशों के अधिकारी अपने रनर्स को हर 2.5 किलोमीटर की दूरी पर तय स्थानों पर रिफ़्रेशमेंट उपलब्ध करा रहे थे लेकिन वहां भारत से कोई नहीं था। भारत की डेस्क खाली पड़ी थीं और वहां सिर्फ देश का नाम और झंडा लगा था।’ 2 घंटे 47.19 सेकंड में रेस खत्म करने वाली जायशा ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मैंने बिना पर्याप्त पानी के कैसे इस रेस को पूरा किया। आयोजक सिर्फ 8 किलोमीटर के इंटरवल पर पानी और स्पंज उपलब्ध करा रहे थे। इतने पानी से मुश्किल से 500 मीटर चला जा सकता था और चिलचिलाती धूप में 30 किलोमीटर के बाद दौड़ना बिलकुल असंभव था।’

जायशा ने बताया कि जहां दूसरे ऐथलीट्स को उनके देश के अधिकारी ग्लूकोज़ और हनी जैसी चीजें उपलब्ध करा रहे थे वहीं उनके लिए वहां पर कुछ भी नहीं था। जायशा और एक अन्य भारतीय धाविका, कविता को पानी तक नहीं मिल सका। जायशा ने बताया कि रेस के अंत में वह निढाल होकर गिर गईं और उन्हें 2-3 घंटे बाद होश आया। जायशा ने कहा, ‘मुझे होश में लाने के लिए 7 बॉटल्स ग्लूकोज़ चढ़ाया गया। मुझे वहां अपने दल का कोई डॉक्टर नहीं दिखा। साथी मैराथन रनर गोपी टी और कोच राधाकृष्णन नायर ने मेरी मदद की। कोच निकोलाई भी कुछ घंटों तक वहां रहे लेकिन उसके बाद उन्हें आयोजकों द्वारा हटा दिया गया।’

आईएएएफ के नियमों के मुताबिक, ऑफिशल पॉइंट्स के अलावा भारत चार स्थानों पर अपने ऐथलीट्स को पानी और रिफ्रेशमेंट देने के लिए चार अधिकारियों को रख सकता था। सूत्रों ने बताया कि ऐथलीट के लिए रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराना कोच और फेडरेशन के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘ऐथलीट किसी दूसरे देश के ऐथलीट के लिए रखा गया पानी नहीं पी सकता है और ऐसा करने पर उसे डिसक्वॉलिफाइ तक किया जा सकता है।’ केरल की इस ऐथलीट ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कोच निकोलाई ने उन्हें मैराथन में दौड़ने के लिए मजबूर किया।

 

Courtesy: NBT

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