नाबालिग लड़कियों की ऑनलाइन तस्करी, राजस्थान में भी चल रहा काला ‘कारोबार’

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जयपुर | प्लेसमेंट के नाम पर दिल्ली की कुछ एजेंसियां नाबालिग लड़कियों की तस्करी कर रही हैं। ऑनलाइन चल रहे इस ‘कारोबार’ में ज्यादातर लड़कियां झारखंड से लाई जा रही हैं। जयपुर में पिछले दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें लड़कियां चंगुल से छूट भागीं या उन्हें मुक्त कराया गया।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली के कुछ गिरोह प्लेसमेंट एजेंसियां बनाकर घरों में नौकरानी उपलब्ध कराने की आड़ में झारखंड सहित अन्य राज्यों से नाबालिग लड़कियों की तस्करी कर रहे हैं। मोटी रकम लेकर इन लड़कियों को जयपुर में धनाढ्य परिवारों में भेजा जा रहा है।

यह रकम 40 से 60 हजार रुपए तक होती है लेकिन बालिकाओं को कुछ नहीं दिया जाता। हाल ही शहर में तीन स्थानों से चार लड़कियां छुड़वाई गई, जिन्हें एजेंसी के माध्यम से भेजा गया था।

केस-01 

सात दिन पहले प्रतापनगर में एक घर से रांची की नाबालिग लड़की छुड़ाई गई। उसका कहना था कि तीन साल पहले दिल्ली की एजेंसी जयपुर लाई थी। चार हजार प्रति माह मिलने थे कुछ नहीं दिया। मालिक ने बताया कि दिल्ली की पूजा एंटर प्राइजेज से नौकरानी मांगी थी लेकिन 13 वर्ष की बच्ची भेज दी गई। प्रतापनगर थाने में तस्करी, जबरन काम कराने का मामला दर्ज किया गया। 

केस-02 

गत 4 अगस्त को शिवदासपुरा में पुलिस को 13 साल की दो बालिकाएं लावारिस मिली। चाइल्ड लाइन के सुभाष शर्मा के अनुसार बच्चियों का कहना था कि दिल्ली की एक एजेंसी कुछ माह पहले झारखंड से उन्हें लाई थी। पहले दिल्ली में काम कराया, दोढाई माह पहले यहां प्रतापनगर में हॉस्टल में काम करने भेज दिया। दोनों वहां से भाग निकली। हॉस्टल की पहचान अब तक नहीं हुई है। 

केस-03

बजाज नगर के व्यापारी ने दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी एसके सर्विसेज से घरेलू नौकरानी की मांग की थी। एजेंसी ने सालभर के 57 हजार रुपए लिए और बच्ची की उम्र 19 वर्ष बताकर 13 साल की नेपाली लड़की भेज दी। अगले ही दिन वह भाग निकली। चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को बजाजनगर थाना पुलिस की मदद से वापस मां के पास भेजा। 

यूं चल रहा खेल 

दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसियां ऑनलाइन बुकिंग से बाई उपलब्ध कराने का दावा करती हैं। जो घरेलू नौकरानी की मांग करते हैं, उन्हें झारखंड, बिहार से नाबालिग लड़कियां भेज देती हैं।

मामले की तह तक पहुंचना जरूरी है। पुलिस को पत्र भेज कर प्लेसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई करने के निर्देश देंगे। तस्करों का गिरोह पकड़ा जाना चाहिए।

Courtesy: Rajasthanpatrika

 

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