राज्य इलाहाबाद हाईकोर्ट से अखलाक के परिवार को बड़ी राहत

राज्य इलाहाबाद हाईकोर्ट से अखलाक के परिवार को बड़ी राहत
हालांकि अदालत ने अखलाक के भाई मोहम्मद को फौरी तौर पर कोई राहत देने से मना कर दिया है। अदालत ने अखलाक के परिवार वालों को यह राहत घटना के वक्त बरामद मांस की दो अलग-अलग रिपोर्ट आने के आधार पर दी है।

गौतमबुद्ध नगर कोर्ट के आदेश पर अखलाक के परिवार के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ बीते 15 जुलाई को गोवध समेत कई गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया गया था। अखलाक के परिवार की तरफ से कोर्ट में मांस की दो अलग-अलग रिपोर्ट के साथ ही, बरामद मांस की मात्रा बढ़ना और परीक्षण के लिए उसे जार के बजाय पॉलीबैग में भेजने और केस दर्ज होने में देरी की कमियों को आधार बनाकर राहत की अपील की थी।

जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस प्रभात चंद्र त्रिपाठी की डिवीजन बेंच ने अखलाक के परिवार की तरफ से पेश की दलीलों को फौरी तौर सही मानते हुए मां असगरी बेगम, पत्नी इकरामन, घटना में जख्मी हुए बेटे दानिश, बेटी शाइस्ता और रिश्तेदार सोनी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, जबकि अखलाक के मोहम्मद को फिलहाल कोई राहत देने से मना कर दिया है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि घटना के दस महीने बाद एफआईआर होने की देरी की वजह से परिवार की महिलाओं को राहत दी जा रही है। बेटे दानिश को राहत उसके गंभीर रूप से जख्मी होने की वजह से मिली, जबकि भाई मोहम्मद के बारे में अदालत ने कहा कि उसके ही घर में गोहत्या का आरोप है, इसलिए फिलहाल उसे कोई राहत नहीं दी जा सकती।

गौरतलब है कि पिछले साल 29 सितंबर को दादरी के बिसहड़ा गांव में गोमांस के विवाद में हुई हिंसा में अखलाक की मौत हो गई थी। गौतमबुद्ध नगर के वेटनरी हॉस्पिटल ने अखलाक के घर से बरामद मांस को बकरे का बताया था, जबकि मथुरा की फॉरेंसिक लैब ने उसे गोमांस करार दिया था। इसी लैब रिपोर्ट के आधार पर अखलाक के परिवार के खिलाफ पिछले महीने केस दर्ज किया गया था।

Courtesy:Eenadu
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