UP में BJP को सताने लगी हार की चिंता, प्रचार के लिए तैनात किए दलित सांसद

UP में BJP को सताने लगी हार की चिंता, प्रचार के लिए तैनात किए दलित सांसद

नई दिल्ली। बीजेपी जहां पूर्व बीएसपी नेता बृजेश पाठक और स्वामी प्रसाद मौर्या के शामिल होते ही यह मान के चल रही है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को ब्राह्मण वोट बैंक का साथ मिलने लगेगा। वहीं दूसरी ओर दलितों पर हुए अत्याचार के बाद हुई किरकिरी से वोट बैंक की चिंता बीजेपी को सताने लगी है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा अब उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के दलित सांसदों को तैनात करने की तैयारी कर रही है।

बीजेपी के लिए चिंता का सबब ये है कि दलित समुदाय ने  2014 में बड़ी संख्या में पार्टी के लिए वोट किया था। जिसकी वजह से राज्य में बीजेपी 17 आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन गोरक्षा व गोतस्तकरी के नाम पर दलितों पर हुए अत्याचार के बाद बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है। जिसके बीजेपी ने दलित सांसदों को यूपी में तैनात करना शुरु कर दिया है।

बीजेपी ने अपने नेताओं को विशेष रूप से सांसदों को जो इन आरक्षित सीटों पर नहीं बल्कि दूसरों राज्यों से जीतकर आये है। उनके माध्यम से दलित समुदाय के लोगों को लुभाने की विस्तृत कार्यक्रम चलाने की योजना बना रही है। पहला चरण 1 से 10 सितंबर तक चलेगा जिसमें प्रत्येक सांसद को पांच विधानसभा क्षेत्रों को कवर करना पड़ेगा। जबकि अगले चरण के लिए तारीख तय नही की गई है।

आपको बता दें कि भाजपा के 17 सांसद यूपी की 85 विधानसभा सीटों को कवर करते है। देशभर में दलित विरोधी पार्टी के रुप में किरकिरी होने के बाद बीजेपी आउटरीच कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। भाजपा सबका साथ, सबका विकास के नारे को भुनाने के लिए दलितों को रिझाने के प्रयास में जुट गई है। इसके लिए पार्टी ने सांसदों को बैठकें, यात्राओं मुद्रा योजना और उज्ज्वला योजना के बारे में बताने का निर्देश दे रही है।

अंग्रेजी समाचार पत्र द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  पार्टी का कहना है कि जहां दलित वोट महत्वपूर्ण हैं वहां कम से कम 304 विधानसभा सीटे उनकी पहचान कर ली गई है।  यही नहीं पार्टी उन चुनाव क्षेत्रों की पहचान कर चुकी है जिनमें छह महीने के अंदर चुनाव होने जा रहे हैं।

Courtesy: National Dastak

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