‘सबकुछ’ जीतने की जुगत में लगे राहुल गांधी

‘सबकुछ’ जीतने की जुगत में लगे राहुल गांधी

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भले ही तीन दिन की ही यात्रा पर अमेठी आए थे, लेकिन उनका पूरा फोकस 2017 के विधानसभा चुनाव पर ही रहा। 2012 के चुनावों से सबक लेते हुए राहुल पूरी तरह से कोशिश करते नजर आए कि जो तीन सीटें कांग्रेस हार गई थी, उसे भी इस बार जीत में बदल दिया जाए।

बुधवार देर रात जब राहुल मुंशीगंज पहुंचे, तो उसी वक्त विधानसभा टिकट की दावेदारी कर रहे लोगों के साथ लम्बी चर्चा की। गुरुवार की सुबह और रात में भी चर्चा जारी रही। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने साफ तौर पर कहा कि टिकट चाहे जिसे मिले, पांचों विधानसभा की सीटों पर जीत तो तय करनी है।

2012 के विधानसभा चुनाव में राहुल और प्रियंका के प्रचार के बावजूद अमेठी में पांच में से तीन और रायबरेली की सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। अमेठी के तिलोई से भी जिन डॉ. मुस्लिम ने जीत दर्ज करवाई थी, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। वहीं जगदीशपुर सुरक्षित क्षेत्र के विधायक राधेश्याम धोबी के खिलाफ भी लोगो में गुस्सा है और उनका विरोध करते हुए होर्डिंग और पोस्टर लगे हुए हैं।

जिला सतर्कता की बैठक में हुए शामिल और निगरानी समिति

दौरे के अंतिम दिन राहुल गांधी जिला सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक में बतौर अध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मनरेगा के तहत हुई वित्तीय अनियमितताओं में एक साल तक कार्यवाही न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि जनप्रतिनिधियों का फोन जरूर उठाएं और सरकारी योजनाओं को पारदर्शी ढंग से समय पर पूरा करें।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने राहुल को घेरा

निगरानी समिति की बैठक के बाद कलेक्ट्रेट गेट से सामने से निकल रहे राहुल के काफिले को 150 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अचानक रोक लिया। मशक्कत के बाद महिलाएं राहुल से मिल पाईं और उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। राहुल ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस दौरान लोकवाणी बचाओं संघर्ष समिति ने भी डीएम ऑफिस के सामने धरना देकर राहुल को ज्ञापन सौंपा।

किसान यात्रा से यूपी साधने की कोशिश

छह सितंबर से देवरिया से दिल्ली तक यात्रा करेंगे राहुल

जीतेंद्र पांडेय, गोरखपुर : राहुल गांधी की छह सितंबर से शुरू होने वाली किसान यात्रा कर्ज माफी, बिजली की कीमतों और फसलों के मूल्य पर आधारित होगी। इन तीनों मुद्दों से पूरी यूपी का कमोबेश हर आदमी जुड़ा हुआ है और कांग्रेस इसके जरिए लोगों की दुखती रग पर हाथ रखना चाहती है।

इस यात्रा को सफल बनाने के लिए गुरुवार को पडरौना, देवरिया और गोरखपुर में कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लगातार बैठकें की। देर रात टीम पीके की तरफ से बद्री ने बताया कि इस यात्रा के जरिए साफ तौर पर तीन संदेश दिए जाएंगे। पहला अगर यूपी में कांग्रेस की सरकार बनी तो किसानों के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे। दूसरा बिजली के बिल आधे हो जाएंगे और तीसरा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य का हिसाब ऐसा बनाया जाएगा कि किसानों को सबसे ज्यादा फायदा हो।

गोरखपुर में रोड शो

छह सितंबर को देवरिया के रूद्रपुर कस्बे के पास बने पचलड़ी गांव की दलित बस्ती से राहुल गांधी की देवरिया से दिल्ली किसान यात्रा शुरू होगी। इसके बाद अगले दिन यह यात्रा गोरखपुर पहुंचेगी। गोरखपुर में राहुल गांधी सबसे पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाकर इंसेफेलाइटिस पीड़ितों का हालचाल लेंगे। इसके बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने से राहुल गांधी का रोड शो शुरू होगा और शहर के मुस्लिम बहुल मोहल्लों के साथ ही कुछ अन्य इलाकों से होकर संत कबीर नगर के लिए रवाना हो जाएगी।

Courtesy NBT

 

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