SC से सहारा को फटकार, पजेशन नहीं देने पर 3.5 करोड़ जमा करने का आदेश

SC से सहारा को फटकार, पजेशन नहीं देने पर 3.5 करोड़ जमा करने का आदेश

नई दि‍ल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप की कंपनी सहारा इंडि‍या कर्मशि‍यल कॉरपोरेशन को अपनी रजिस्‍ट्री में 3.5 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दि‍या है। वहीं, कंज्‍यूमर कोर्ट ने सहारा को आदेश दि‍या था कि‍ 30 बायर्स को पजेशन मि‍लने में देरी होने के एवज में हर्जाना दें। इस आदेश को चैलेंज करते हुए सहारा ने याचि‍का दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा पर उठाए थे सवाल…

मामला गुड़गांव के सहारा ग्रेस सोसाइटी का है, जिसके मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा से 8 हफ्तों के अंदर 3.5 करोड़ रुपए इसकी रजिस्ट्री में जमा करने को कहा है। इसके पहले कंज्‍यूमर कोर्ट ने पजेशन देरी से देने के चलते सोसाइटी के 30 बॉयर्स को 3.3 करोड़ रुपए मुआवजा देने को कहा था। हालांकि, इस आदेश को सहारा ने चैलेंज किया था।

-इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप के उस दावे पर सवालिया निशान लगा दिए हैं जिसमें ग्रुप ने कहा था कि उसने इन्वेस्टर्स के 25 हजार करोड़ रुपए लौटा दिए हैं।

-कोर्ट ने ग्रुप को वॉर्निंग देते हुए सवाल किया कि इन्वेस्टर्स को कैश में दी गई इतनी बड़ी रकम का सोर्स बताएं।

-इतना पैसा कहां से आया, ये स्वर्ग से तो गिरा नहीं होगा? आपकी बात हजम नहीं होती।

सहारा की बात पर यकीन करना मुश्किल…

– सहारा ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि उसने इन्वेस्टर्स के 25 हजार करोड़ रुपए लौटा दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इतनी बड़ी रकम के सोर्स पर सवाल उठाए।

– कोर्ट ने कहा कि यकीन करना मुश्किल है, इतने कम वक्त में आपने बड़ा अमाउंट कैश में लौटा दिया। आपकी बात पचाना मुश्किल है।

– कोर्ट ने कहा, ‘आप बताएं, पैसे का सोर्स क्या है? क्या आपने दूसरी कंपनियों से पैसा लिया या अन्य स्कीम्स से पैसे जुटाए? क्या बैंक अकाउंट्स से पैसे निकाले? आपके पास यही तीन अल्टरनेटिव्स होने चाहिए। पैसा ऊपर से तो आया नहीं होगा।’

क्लाइंट पर शक नहीं

– चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की बेंच ने कहा, ‘ दो महीनों में इन्वेस्टर्स को करोड़ों रुपए देने वाले क्लाइंट पर शक नहीं है। लेकिन आपकी सफाई पर यकीन करना मुश्किल है।’

– कोर्ट ने सहारा के एडवोकेट कपिल सिब्बल से कहा, ‘हमें डॉक्युमेंट्स दिखाएं। किस स्कीम्स में कैसे पैसा लगाया गया।’ सिब्बल ने कहा कि ग्रुप ने पैसा जुटाया और इन्वेस्टर्स को कैश में पैसा लौटाया भी गया।

ग्रुप किसी भी जांच के लिए तैयारः सिब्बल

– सिब्बल ने कहा कि सहारा ग्रुप किसी भी जांच के लिए तैयार है। अगर ब्लैकमनी का शक है तो जांच कराली जाए।

– सिब्बल ने एक सवाल भी उठाया। कहा, ‘यदि यह ब्लैकमनी है तो सेबी जांच कैसे कर सकता है? यह मैटर तो इनकम टैक्स का है।’

– इस पर बेंच ने कहा कि पैसे का सोर्स बताना बिजनेस हाउस की जिम्मेदारी है, चाहे वह बेनामी हो या जिसका सोर्स क्लियर हो।

Courtesy: Bhaskar.com

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