डेंगू से मौत पर सीएम ने किया मदद का एलान, राज्यमंत्री बोले अफवाह ना फैलाएं

डेंगू से मौत पर सीएम ने किया मदद का एलान, राज्यमंत्री बोले अफवाह ना फैलाएं

लखनऊ. यूपी में सीएम कुछ कहते हैं और उनके मंत्री कुछ और कहते हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया जब एक महिला कंप्यूटर अनुदेशक की डेंगू से हुई मौत पर सीएम ने उसके परिजनों के लिए 10 लाख की मदद का एलान किया लेकिन उसके उलट परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण राज्य मंत्री रविदास ने प्रेसनोट जारी कर कहा कि मृत्यु डेंगू से नहीं हुई है। यह अफवाह बिलकुल निराधार है।

कहां फंसा है मामला

मंगलवार को धरना प्रदर्शन में शामिल मलीहाबाद की महिला कंप्यूटर अनुदेशक किरण सिंह की मौत बलरामपुर अस्पताल में हो गई थी।
जिस पर कंप्यूटर अनुदेशकों ने उनके परिजनों के लिए मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की।
सीएम अखिलेश यादव ने भी शाम साढ़े 4 बजे दस लाख मुआवजे की घोषणा करते हुए डेंगू से हुई मौत पर दुख भी व्यक्त किया।
वहीँ शाम साढ़े 7 बजे शिशु एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि किरण सिंह की मौत डेंगू से नहीं हुई है।
यह अफवाह बिलकुल निराधार है. चिकित्सकों के अनुसार इनकी डेंगू जांच रिपोर्ट निगेटिव थी।
इसके अलावा इनकी प्लेटलेट्स भी 1.92 लाख के करीब थी।

मंत्री ने और क्या लिखा है प्रेस नोट में

मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने अपने प्रेस नोट में किरण की मौत की जांच करने की भी जानकारी दी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 24 घण्टे के भीतर जांच रिपोर्ट पेश की जाए, ताकि यह साफ़ हो सके कि किरण सिंह की मौत किन कारणों से हुई है।
उन्होंने कहा है कि 8 सितम्बर को कंप्यूटर अनुदेशकों के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात भी सीएम अखिलेश यादव से कराई जाएगी।

क्या है मामला

बीते कई दिनों से आये दिन कंप्यूटर अनुदेशक अपनी मांगो के लेकर लखनऊ में डेरा जमाये हुए हैं।
कई बार लाठीचार्ज भी हुआ है।
ऐसे में प्रशासन ने कंप्यूटर अनुदेशकों को लक्ष्मण मेला मैदान में धरना प्रदर्शन करने का फरमान सुना दिया था।
जहां पर किरण को डेंगू हो गया।
इसके बाद मंगलवार की रात उनकी मौत हो गई।
जिसके बाद बुधवार की सुबह कंप्यूटर अनुदेशक मुआवजे और नौकरी की मांग कर रहे थे।

Courtesy: Dainik Bhaskar

 

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