30 सितंबर के बाद ब्लैक मनी वालों पर बड़ा वार करने की तैयारी में सरकार

30 सितंबर के बाद ब्लैक मनी वालों पर बड़ा वार करने की तैयारी में सरकार

नई दिल्ली
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 30 सितंबर के बाद काला धन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। दरअसल, सरकार ने आय घोषणा योजना के तहत टैक्स देकर काले धन को साफ करने का आखिरी मौका दे रखा है जिसकी मियाद 30 सितंबर को खत्म हो जाएगी।

टैक्स नहीं देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास काफी जानकारियां और आंकड़े हैं। बोर्ड ने क्षेत्रीय इकाइयों को इन सूचनाओं का इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई में इनकम डिसक्लोजर स्कीम (आईडीएस) का फायदा उठाने वालों को बख्स दिया जाएगा। 1 जून को शुरू हुई यह स्कीम अघोषित संपत्ति अथवा/और आय पर 45 प्रतिशत टैक्स चुका कर कार्रवाई से बचने की सुविधा देती है।

फील्ड में काम करने वाली टैक्स अथॉरिटीज विभिन्न साधनों से मिली सूचनाओं से लैस हैं और पकड़ में आए कई ‘गलत’ ट्रांजैक्शन के लिए नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। सीबीडीटी के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास विभिन्न साधनों से बहुत सूचनाएं जमा हो गई हैं। हम इसका इस्तेमाल करेंगे।’

स्कीम अपनी संपत्ति को साफ-सुथरी बनाने का आखिरी मौका मुहैया करा रही है जैसा कि कठोर कानून लागू करने से पहले विदेशी काला धन केस में भी किया गया। गौरतलब है कि सरकार कठोर बेनामी संपत्ति कानून ला चुकी है।

जारी है प्रक्रिया
अधिकारी ने कहा कि टैक्स अथॉरिटीज ने सात लाख लोगों और संस्थाओं को नोटिस भेज दिया है और स्कीम की मियाद खत्म होते ही वे इनके पीछे हाथ धोकर पड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर के बाद किसी को भी बख्सा नहीं जाएगा। एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘हम अब नॉन-परमानेंट अकाउंट नंबर्स (पैन) डेटा का इस्तेमाल करने में भी सक्षम हैं।’ उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट अपने पास की सूचनाओं का इस्तेमाल कर नॉन-पैन ट्रांजैक्शन्स का पैन से मिलान कर रहा है और कई मामलों में टैक्स पेयर्स को सामने आकर पैन देने को कहा जा रहा है।

करीब 80 हजार से 1 लाख ट्रांजैक्शन्स का पैन से मिलान किया जा चुका है जिससे टैक्स अथॉरिटीज को ऐसे लोगों की आमदनी की पूरी प्रोफाइल जा रही है। इस दबाव में कई लोग घोषणा करने के लिए खुद सामने आ सकते हैं।

छिपाना बहुत मुश्किल
अधिकारी ने बताया कि बेनामी कानून भी जल्द ही प्रभावी होने जा रहा है और कैश रखने या लेने-देने की जगहें बहुत सीमित हो जाएंगी। इतना ही नहीं, 2018 से ज्यादातर देशों के बीच सूचना का स्वतः आदान-प्रदान शुरू हो जाएगा और विदेशों में नकदी भेजना भी बहुत ज्यादा कठिन हो जाएगा।

सरकार नगदी लेन-देन को कम-से-कम करने की दिशा में भी कानून बना रही है जिससे अघोषित संपत्ति को छिपाना और इसका इस्तेमाल कठिन हो जाएगा। विदेशी काला धन योजना के तहत 648 लोगों/संस्थाओं ने 4,164 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति की घोषणा की जिनसे सरकार को 2,476 करोड़ रुपये टैक्स मिला।

Courtesy:NBT
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