सैटेलाइट इमेज के जरिए दावा- पाकिस्तान बना रहा है नई न्यूक्लियर साइट

सैटेलाइट इमेज के जरिए दावा- पाकिस्तान बना रहा है नई न्यूक्लियर साइट

इस्लामाबाद. पाकिस्तान एक नई न्यूक्लियर साइट बना रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि सैटेलाइट इमेजेज के अनालिसिस से यह पता चलता है कि पाक एक यूरेनियम एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स बना रहा है, जो काहुटा शहर में है। यह कंस्ट्रक्शन साइट इस्लामाबाद से 30 km पूर्व में है। करीब 1.2 हेक्टेयर है इसका एरिया

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक खान रिसर्च लैबोरेट्रीज (KRL) में स्थित इस नई साइट का एरिया करीब 1.2 हेक्टेयर है।

– डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है- ‘यह इस बात का ताजा सबूत है कि पाकिस्तान किस तरह अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ा रहा है।’
– ‘पाकिस्तान का यह लक्ष्य एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) के प्रिंसिपल्स के खिलाफ है।’
– बता दें पाकिस्तान इस ग्रुप में शामिल होने के लिए जोड़-तोड़ कर रहा है। इसके लिए इसे चीन का सपोर्ट हासिल है।
– एयरबस डिफेंस एंड स्पेस ने 28 सितंबर 2015 और 18 अप्रैल 2016 को कुछ सेटेलाइट इमेज हासिल की थीं।
– यह एनालिसिस IHS Jane के एक्सपर्ट्स ने इन्हीं इमेजेज के आधार पर किया है।

– IHS Jane एक जर्नल है जो डिफेंस और सिक्युरिटी इश्यू पर रिपोर्ट पब्लिश करता है।

और क्या कहना है एनालिस्ट्स का?

– IHS Jane के एनालिस्ट कार्ल डिवे का कहना है- ‘साइट के स्ट्रक्चर को देखकर पता चलता है कि वहां न्यूक्लियर फ्यूल कंपनी URENCO ने भी कई फैसिलिटीज जुटाई हैं। यह कंपनी यूरोप में कई न्यूक्लियर प्लांट ऑपरेट करती है।’
– IHS Jane के एक दूसरे एनालिस्ट चार्ली कार्टराइट का कहना है- ‘यह महज इत्तेफाक नहीं है कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के फाउंडर एक्यू खान सेंट्रीफ्यूज डिजाइन चुराकर देश लौटने से पहले URENCO में काम करते थे।’

– किंग्स कॉलेज लंदन के रिसर्च ग्रुप प्रोजेक्ट Alpha के हेड इयान स्टीवार्ट ने कहा- ‘यह कहना मुश्किल है कि पाकिस्तान की ये हरकतें एनएसजी के प्रिंसिपल्स से किस तरह मेल खाती हैं?’

क्या है NSG?
– एनएसजी यानी न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप मई 1974 में भारत के न्यूक्लियर टेस्ट के बाद बना था।
– इसमें 48 देश हैं। इनका मकसद न्यूक्लियर वेपन्स और उनके प्रोडक्शन में इस्तेमाल हो सकने वाली टेक्नीक, इक्विपमेंट और मटेरियल के एक्सपोर्ट को रोकना या कम करना है।

भारत से 10 ज्यादा न्यूक्लियर वेपंस हैं पाक के पास
– पाकिस्तान ने पहला न्यूक्लियर टेस्ट 1998 में किया था।
– माना जाता है कि पाक के पास करीब 120 न्यूक्लियर वेपंस हैं। जो भारत, इजरायल और नॉर्थ कोरिया से ज्यादा हैं।
– ‘बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक’ साइंटिस्ट ने मार्च 2015 की रिपोर्ट में बताया था कि पाकिस्तान के पास 120 न्यूक्लियर वेपंस हैं जो भारत के एटमी हथियारों से 10 ज्यादा हैं।

दुनिया की 3rd सबसे बड़ी परमाणु ताकत बनना चाहता है पाक
– कार्नेजी एन्डोव्मेंट फॉर इंटरनेशनल पीस और स्टिमसन सेंटर के स्कॉलर्स की 2015 में एक रिपोर्ट सामने आई थी।
– इसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान की प्लानिंग अपने परमाणु भंडार में इजाफा करने की है। इसके लिए वह हर साल 20 वारहेड्स बनाएगा।
– इस तरह पाकिस्तान एक दशक में ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी परमाणु ताकत बन सकता है।

Courtesy: Bhaskar.com

Categories: International

Related Articles