आगरा, गाजीपुर और रामपुर में जनता के आक्रोश का शिकार बनी खाकी

आगरा, गाजीपुर और रामपुर में जनता के आक्रोश का शिकार बनी खाकी

लखनऊ  आगरा, गाजीपुर और रामपुर में आज पुलिस जनता के आक्रोश का शिकार बनी। रामपुर धावनी हसनपुर में देवस्थान की भूमि पर बाउंड्री निर्माण रोकने को लेकर बवाल हुआ। आगरा में दबिश देने गई पुलिस को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। यहां पुलिस की कोशिशें उसके खिलाफ गई और उस पर हत्या तक का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इसी तरह गाजीपुर में राशन बंटवाने में धांधली पर पुलिसकर्मी पीटे गए।

आगरा में दबिश के दौरान बवाल

आगरा की शमसाबाद पुलिस की दबिश के दौरान युवक की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। निर्दोष की हत्या का आरोप लगाते हुए भीड़ ने एसपी और सीओ की गाडिय़ों में जमकर तोडफ़ोड़ की। चालकों को पीट डाला। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने रबर बुलेट चलाईं। घटना में एसओ को निलंबित कर दिया है। दारोगा समेत 13 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। शमसाबाद थाना क्षेत्र के खेड़ा नबादा में शनिवार रात भूरी सिंह जादौन (32) छत पर सो रहे थे। छोटे भाई जयवीर के मुताबिक, रात एक बजे इरादतनगर थाना पुलिस की दो गाडिय़ों पहुंचीं। 20-25 पुलिस वाले उनके घर में घुसे और भूरी सिंह, भतीजे रवि, उसकी पत्नी और मां को पकड़ लिया। रवि की मां और पत्नी को पुलिस ने सड़क पर फेंक दिया। भूरी सिंह को पीटते हुए ले गए और घर के पास वाले तालाब में फेंक दिया जबकि रवि को पुलिस थाने ले गई।

विरोध में लगा जाम

सुबह आक्रोश फैलने पर लोगों ने आगरा-शमसाबाद रोड पर गांव के पास दो स्थानों पर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि पुलिस ने निर्दोष युवक की हत्या कर शव तालाब में फेंका है। सुबह 10.30 बजे गोताखोर ने तालाब से भूरी सिंह के शव को निकाला। उसके चेहरे पर जख्म था। इसे देख लोग भड़क गए और रोड पर खड़ी एसपी पूर्वी और सीओ की गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ कर चालकों को पीट डाला। पुलिस पर जमकर पथराव किया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने रबर बुलेट दाग भीड़ को खदेड़ा। मौके पर पहुंचे एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि मामले में लापरवाही पर एसओ इरादत नगर अशोक यादव को निलंबित किया है। दबिश देने वाले इरादत नगर थाने के दारोगा विनोद कुमार और 12 अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ हत्या और बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपों की जांच की जा रही है।

रामपुर में आठ पुलिसकर्मी चोटिल

रामपुर के बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धावनी हसनपुर में देवस्थान की भूमि पर बाउंड्री निर्माण रोकने पहुंची पुलिस लोगों के आक्रोश का शिकार बन गई। दूसरे वर्ग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारी तो जवाब में ग्रामीणों ने पथराव कर दारोगा समेत आठ पुलिस कर्मी चोटिल कर दिए। गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास देवस्थान और होलिका दहन स्थल है। रविवार को पूजा करने वाले ग्रामीण देवस्थान की बाउंड्री बनाने लगे। पास में मतलूब हुसैन की जमीन है। उसने बिना अनुमति मंदिर निर्माण की सूचना दी तो दारोगा धीरेंद्र गंगवार ने पुलिस बल के साथ गांव जाकर निर्माण रुकवा दिया। ग्रामीणों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। महिलाएं भी विरोध करने लगीं। पुलिस ने लाठियां भांजकर खदेडऩा शुरू किया तो भड़के ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पत्थर लगने से दारोगा धीरेंद्र समेत आठ पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे।

महिलाओं से बदसलूकी का आरोप

ग्रामीणों ने पुलिस पर महिलाओं से मारपीट और कपड़े फाडऩे का आरोप लगाते हुए केमरी-बिलासपुर मार्ग पर ईंटें बिखेरकर जाम लगा दिया। सूचना पर फोर्स लेकर पहुंचे एसडीएम डीएस गुप्ता और सीओ नितिन कुमार सिंह से भी लोगों की तकरार हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने महिलाओं के कपड़े फाड़े, पिटाई से कई घायल भी हो गईं। अफसरों ने जैसे-तैसे समझाकर देवस्थान के चारों ओर पांच फीट ऊंची रेलिंग और ग्रिल का गेट लगवाने की सहमति दे दी। दो घंटे बवाल के बाद मामला शांत हुआ। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात है।

गाजीपुर में दारोगासिपाही को पीटा

गाजीपुर में बाढ़ पीडि़तों के लिए भेजी गई राहत सामग्री के वितरण में मनमानी के विरोध में ग्रामीणों ने सुबह चक्काजाम कर दिया। उत्तेजित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मौके पर पहुंचे दारोगा व सिपाही को भी पीट दिया। सैकड़ों ग्रामीणों ने तिलवां मोड़ पर टीबी रोड को जाम कर दिया। इस बीच किसी बात को लेकर दो युवक धरनास्थल पर ही आपस में भिड़ गए। बीच बचाव करने पहुंचे एसआइ मन्नू यादव व कांस्टेबल जबरनाथ पाल की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। तीन घंटे बाद फोर्स के साथ पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने जब राहत सामग्री वितरण में धांधली की जांच कराने के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। पिटाई से घायल उपनिरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि उपेंद्र शर्मा का कहना है कि ग्रामीणों का आरोप सरासर गलत है।

Courtesy: Jagran.com

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