न नोटिस, क्लबों को भी जानकारी नहीं, नियम ताक पर रख ललित मोदी के बेटे बने अलवर क्रिकेट एसोसिएशन प्रेसिडेंट

न नोटिस, क्लबों को भी जानकारी नहीं, नियम ताक पर रख ललित मोदी के बेटे बने अलवर क्रिकेट एसोसिएशन प्रेसिडेंट

जयपुर.राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) पर ललित मोदी का इनडायरेक्ट वर्चस्व बनाए रखने की कवायद में उनके बेटे रुचिर मोदी को अलवर जिला क्रिकेट एसोसिएशन का प्रेसिडेंट तो बना दिया गया, मगर इस चुनाव के पीछे की कहानी राजनीति की अलग ही तस्वीर पेश करती है। जानिए क्या आया भास्कर पड़ताल में सामने…

– भास्कर की पड़ताल में ये सामने आया कि आरसीए में बैठे ललित मोदी के भक्त महमूद आब्दी, सुमेंद्र तिवारी, पवन गोयल और सुदीप होरा ने रुचिर की ताजपोशी के लिए नियमों को ताक पर रख दिया।

– नियमत: चुनाव से 21 दिन पहले नोटिस जारी किया जाता है जो मेंबर क्लब्स को भेजा जाता है। आपत्तियों के निपटारे के बाद वोटिंग होती है।

– मगर अलवर में चुनाव अधिकारी हरीश सैनी का कहना है कि उन्हें खुद 22 अगस्त को पता चला कि आज क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव हैं।

नागौर, गंगानगर और धौलपुर से भी एंट्री की थी कोशिश

– रुचिर की नागौर, गंगानगर और धौलपुर के जरिये एंट्री की कोशिश की गई थी, मगर सफल नहीं हो पाई।

– 20 जुलाई को रुचिर के नाम से अलवर में जमीन खरीदी गई। 8 अगस्त को दुबई में मीटिंग में अलवर के जरिये रुचिर को मैदान में उतारने का फैसला हुआ।

इलेक्शन ऑफिसर ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया था

– अलवर क्रिकेट एसोसिएशन के इलेक्शन ऑफिसर हरीश सैनी का कहना है कि उन्होंने चुनाव संबंधित कोई नोटिस जारी नहीं किया था।

– 22 अगस्त को ही उन्हें कहा गया कि जल्दी बुर्जा हवेली पहुंचो, क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव हैं।

– मीडिया या ऑफिसर्स को सूचित न करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पवन गोयल ने कहा था-बाकी फॉर्मेलिटी मैं देख लूंगा।

– स्पोर्ट्स ऑफिसर एल.आर. सैनी और उपरजिस्ट्रार सहकारी समिति मनोहर शर्मा को भी चुनाव की जानकारी नहीं है।

– चुनाव की सूचना रजिस्ट्रार ऑफिस में देना जरूरी होता है। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के नए कार्यकारी सदस्य अनिल यादव ने भी माना कि चुनाव का नोटिस नहीं मिला था।

आरसीए में मोदी भक्त
महमूद आब्दी: डिप्टी प्रेसिडेंट, हर फैसले में होती है अहम भूमिका
सुमेंद्र तिवारी: सेक्रेटरी, चुनाव के दिन अलवर में मौजूद थे। बाद में कहा-सिर्फ ऑब्जर्वर के तौर पर
पवन गोयल: ट्रेजरर, अलवर में मौजूद। सक्रिय भूमिका निभाई, अब कहते हैं सारे नियम माने गए
सुदीप होरा: वकील, ललित मोदी के सबसे करीबी माने जाते हैं।

क्यों जरूरी था ये ड्रामा

लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू हुईं तो ललित मोदी ही नहीं, महमूद आब्दी, सुमेंद्र तिवारी और पवन गोयल कोई दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएगा। ऐसे में नवंबर में आरसीए के चुनाव करवा रुचिर को प्रेसिडेंट बनवाने के लिए अलवर का घटनाक्रम जरूरी था।

होरा होंगे नए सचिव!
सूत्रों की मानें तो ललित मोदी के करीबी और आरसीए के वकील सुदीप होरा को सेक्रेटरी बनाने की तैयारियां चल रही हैं।

Courtesy: Bhaskar

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