ट्रम्प-हिलेरी की पहली टीवी डिबेट: 20 बड़े मुद्दों पर 117 यूटर्न ले चुके हैं डोनाल्ड, इसलिए NYT की नजरों में उन्हें नहीं बनना चाहिए US प्रेसिडेंट

ट्रम्प-हिलेरी की पहली टीवी डिबेट: 20 बड़े मुद्दों पर 117 यूटर्न ले चुके हैं डोनाल्ड, इसलिए NYT की नजरों में उन्हें नहीं बनना चाहिए US प्रेसिडेंट

वॉशिंगटन. अमेरिका के लॉन्ग आइलैंड की हॉफ्स्ट्रा यूनिवर्सिटी में आज रात हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच पहली टीवी डिबेट होगी। यह 1980 में जिमी कार्टर और रोनाल्ड रीगन के बीच हुई बहस के बाद सबसे ज्यादा देखी जाने वाली बहस होगी। न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने कुछ वजहें गिनाई हैं कि क्यों डोनाल्ड ट्रम्प को अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहिए। 20 बड़े मुद्दों पर 117 बार यू-टर्न…

1# 20 बड़े मुद्दों पर 117 बार यू-टर्न
– ट्रम्प के बयानों में कितना भटकाव है, इसका एक उदाहरण एनबीसी न्यूज की स्टडी से मिलता है। एनबीसी के मुताबिक, 20 बड़े मुद्दों पर रिकॉर्ड 117 बार पॉलिसी शिफ्ट वाले बयान दिए। अबॉर्शन जैसे मुद्दे पर तो उन्होंने 8 घंटे में ही 3 बार स्टैंड बदल लिया।
– यू-टर्न की खबरें आने पर वे अपनी रैलियों में मीडिया को यह धमकी देते रहे हैं कि प्रेसिडेंट बनने के बाद वे प्रेस से जुड़े कानून में बदलाव करेंगे। उनका मकसद उन न्यूज ऑर्गनाइजेशन्स पर मुकदमे करना है, जो उन्हें अक्सर नाखुश कर देते हैं।

2# एक्सपीरियंस के बिना बड़ी बातें
– ट्रम्प को नेशनल सिक्युरिटी से जुड़े मामलों का कोई एक्सपीरियंस नहीं है। फिर भी वे सीरिया में आईएसआईएस को सबक सिखाने और मेक्सिको से आने वाले लोगों को रेपिस्ट करार देने में कोई कसर नहीं छोड़ते। बिना किसी पुख्ता प्लान के उनकी बयानबाजी से वोटर यह जज नहीं कर पाते कि आखिर वे कहना क्या चाहते हैं।

3# मुस्लिमों से नफरत
– ट्रम्प एक बार खुलकर कह चुके हैं कि वे प्रेसिडेंट बने तो यूएस में मुस्लिमों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा देंगे।
– वे यह भी कह चुके हैं कि उन 1.1 करोड़ इमिग्रेंट्स को बाहर कर देना चाहिए जो मेक्सिको से आए और जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए डॉक्युमेंट्स नहीं हैं।
– इन बयानों से ट्रम्प के एंटी-इमिग्रेंट और रेसिस्ट होने की बात जाहिर होती है।

4# खतरनाक रुख
– ट्रम्प ने 15 महीने पहले जब प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बनने का कैम्पेन शुरू किया था, तब उन्होंने अपनी दौलत अौर टीवी सेलिब्रिटी की इमेज को भुनाने की कोशिश की थी। इस बीच, उन्होंने अचानक अपना रुख बदला और साउथ बॉर्डर से आ रहे लोगाें को मेक्सिको का रेपिस्ट तक करार दिया। इसके बाद के ट्रम्प के बयानों से यह संकेत मिलने लगे कि वो विचारों की राजनीति के बजाय कई मुद्दों पर खतरनाक रुख रखते हैं।

5# कॉन्ट्रोवर्शियल कैम्पेन
– ट्रम्प का कैम्पेन ऑडियंस के मुताबिक अपना रुख बदलते रहने, सेक्सिस्ट कमेंट्स पर माफी नहीं मांगने, जेनोफोबिक नेशनलिज्म, लोगों को निजी तौर पर बेइज्जत करने और आपत्तिजनक आरोप लगाने से भरा रहा है। इसके बावजूद ट्रम्प अमेरिकियों के एक वर्ग को लुभाने में कामयाब रहे हैं। यह खतरनाक है।

 

6# दागदार रिकॉर्ड

– ट्रम्प का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रह है। बड़ी प्रॉपर्टीज के मालिक ट्रम्प पर ट्रम्प यूनिवर्सिटी जैसे वेंचर्स का दाग भी है, जिसमें धांधली की शिकायतों पर जांच चल रही है।

7# टैक्स भरने की ईमानदारी पर शक
– हिलेरी के विपरीत ट्रम्प अपने टैक्स रिटर्न्स का खुलासा नहीं करते। इससे वोटरों के मन में उनके बिजनेस और चैरिटेबल ऑपरेशन्स को लेकर शक पैदा होता है। अगर वे टैक्स रिटर्न्स का खुलासा कर देंगे तो वे लाल घेरे में आ जाएंगे। पब्लिक रिकॉर्ड कहता है कि बीते कुछ साल में उन्होंने नियमों की खामियां का फायदा उठाते हुए कई मामलों में टैक्स नहीं भरा।
– वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने अपने चैरिटेबल फाउंडेशन को डोनेशन में मिली 2.58 लाख डॉलर की रकम इसलिए निकाल ली, ताकि वे अपनी कंपनियों से जुड़े कानूनी मसले सुलझा सकें।

8# हितों का टकराव
– ट्रम्प का रूस और दुनियाभर के बाकी देशों में इन्वेस्टमेंट सवालों के घेरे में रहा है। अगर वे प्रेसिडेंट बनते हैं तो कई मुद्दों पर हितों का टकराव हो सकता है।
– वे मॉस्को में कई मंजिलों वाला ट्रम्प टावर बनाना चाहते थे। लेकिन रूस से उनके रिश्तों पर सवाल उठने पर यह प्रोजेक्ट फिलहाल रोक दिया गया है।
– ट्रम्प के बेटों और एडवाइजर्स के भी रूस के साथ बिजनेस रिलेशन्स हैं।

9# विचलित जल्दी होते हैं
– ट्रम्प बहुत जल्द विचलित हो जाते हैं। यह इस बात से ही पता चलता है कि जब हिलेरी कहती हैं कि आप झूठ बोल रहे हैं, डोनाल्ड, तो इस पर वो बौखला जाते हैं।
– ट्रम्प की इसी कमी को दूर करने में उनके स्ट्रैटजिस्ट लगे हैं। विचलित करके उन्हें रिएक्शन पर कंट्रोल करने की प्रैक्टिस कराई जा रही है।

10# दूसरों की इंसल्ट करना अपनी ताकत मानते हैं
– ट्रम्प की कोशिश विरोधी की इंसल्ट करने की होती है। हालांकि, शुरुआती बहस में उनकी यह कोशिश कामयाब रही। लेकिन लिमिटेड टाइम की डिबेट में यह खीज पैदा कर सकती है।
– एडवाइजर उन्हें बता रहे हैं कि हिलेरी या मॉडरेटर से वे मूर्खतापूर्ण बहस में न उलझें।

 

Courtesy: Bhaskar

 

 

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