यूपी चुनाव में जीत के लिए बीजेपी ने बनाई 200 प्रफेशनल्स की टीम

यूपी चुनाव में जीत के लिए बीजेपी ने बनाई 200 प्रफेशनल्स की टीम

नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने जीत के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक तरफ जहां पार्टी नेता अभी से रणनीति बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ ‘ब्रिलियंट माइंड्स’ की प्रफेशनल टीम भी जीत का फॉर्म्युला तलाशने में जुटी है। लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने प्रफेशनल्स की इतनी बड़ी टीम बनाई है जिनका चुनाव में उपयोग किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार अगर यह प्रयोग सफल रहा तो 2019 लोकसभा चुनाव के लिए भी यही टीम बीजेपी के चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाल सकती है। बीजेपी के इस प्रफेशनल टीम को नाम दिया गया है एबीएम यानी असोसिएशन ऑफ ब्रिलियंट माइंड्स। इसे प्रशांत किशोर यानी पीके की टीम का काट माना जा रहा है जो लोकसभा चुनाव में बीजेपी के साथ थे और इन दिनों उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रहे हैं।

एबीएम की इस टीम में करीब 200 प्रफेशनल्स हैं। इस टीम से जुड़े एक मेंबर ने कहा कि इसमें किसी को अलग से हेड नहीं बनाया गया और सभी के पास अलग-अलग काम है। टीम, प्रदेश के शहरी, युवा और मिडिल क्लास तबकों के

बीच जाकर उनकी प्राथमिकता समझेगी और उस हिसाब से बीजेपी को अपनी चुनावी रणनीति और घोषणा पत्र तैयार करने में मदद करेगी।

टीम में दो दर्जन से अधिक आईआईटी और आईआईएम पासआउट हैं। पिछले पंद्रह दिनों से टीम प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में काम कर री है। इस टीम का काम लगातार फीडबैक देने के अलावा आइडिया देना भी है। सूत्रों के अनुसार अमित शाह की पिछले दिनों लखनऊ यात्रा में इस टीम के साथ लंबी बातचीत भी हुई थी। इस टीम के एक मेंबर ने कहा कि हाल के दिनों में चुनाव मैनेजमेंट का रोल बढ़ा है और वह इसी जरूरत को पूरा कर रहे हैं। साथ ही वे आइडियॉलजी के स्तर पर भी खुद को बीजेपी के करीब मानते हैं।

मोदी ने दी थी हरी झंडी
सूत्रों के अनुसार एबीएम की परिकल्पना के साथ गुजरात के कुछ युवकों ने बीजेपी से जुड़ने की इच्छा के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। उनकी ओर से दिया गया प्रेज़ेंटेशन देखने के बाद मोदी प्रभावित हुए और टीम को आगे बातचीत के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पास भेजा। अमित शाह ने तब इस टीम का उपयोग उत्तर प्रदेश में करने का फैसला किया।

प्रशांत किशोर का विकल्प
नरेन्द्र मोदी के 2014 चुनावी कैंपेन को प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली सीएजी यानी सिटिज़न फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस ने संभाला था। लेकिन उस सफल कैंपेन के बाद सीएजी और नरेन्द्र मोदी का करार टूट गया। प्रशांत किशोर बाद में जेडीयू और बिहार के सीएम नीतीश कुमार और कांग्रेस के साथ जुड़ गए। सूत्रों के अनुसार बीजेपी 2019 लोकसभा चुनाव से पहले प्रफेशनल्स की एक बड़ी टीम बनाना चाहती है जो पार्टी की प्रचार रणनीति में मदद कर सके।

इससे पहले भी असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने रजत सेठी के नेतृत्व में प्रफेशनल्स की एक टीम को चुनाव प्रचार की दिशा और विजन डॉक्युमेंट को तैयार करने का जिम्मा दिया था। चुनाव के बाद उन्हें झारखंड के सीएम रघुबर दास का सलाहकार बना दिया गया।

Courtesy: NBT

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