भारत में प्रतिवर्ष चाहिए 1.3 करोड़ नौकरियां, 2015 में आईं केवल 1.35 नौकरियां , 5 साल में सबसे ख़राब हालात

भारत में प्रतिवर्ष चाहिए 1.3 करोड़ नौकरियां,  2015 में आईं केवल 1.35 नौकरियां , 5 साल में सबसे ख़राब हालात

नई दिल्ली : भारत जहाँ विदेशी निवेश के जरिये देश को रोजगार की संभावनाएं तलाश रहा है वहीँ दिल्ली की एक सिविल सोसाइटी ग्रुप ‘प्रहार’ की ताजा स्टडी ने सबको चौका दिया है। इस स्टडी में पाया गया है कि भारत में हर दिन तकरीबन 550 नौकरियां ख़त्म हो रही हैं और अगर ऐसा ही रहा तो 2050 तक देश में 70 लाख नौकरियां ख़त्म हो जाएँगी।

रिपोर्ट में देश के ताजा हालात को बेहद चिंताजनक बताया गया है और कहा गया है कि रिटेल वेंडर और कंस्ट्रक्शन लेबर इस वक़्त बुरे दौर से गुजर रहे हैं। सरकार का दावा है कि आगामी पांच साल में देश में लगभग 22.5 करोड़ डॉलर का विदेशी निवेश होगा  लेकिन इसका मतलब यह नही कि इनसे नौकरी मिलने की पूरी गारंटी है।

लेबर ब्‍यूरो के आंकड़ों के मुताबिक भारत में 2015 में सिर्फ 1.35 नौकरियां आई थीं। जबकि, साल 2013 में 4.19 और 2011 में 9 लाख नौकरियां थीं। इन्‍हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 550 नौकरियां समाप्‍त हो रही हैं जिसका 2050 तक आंकड़ा 70 लाख के आसपास पहुंच जाएगा। वहीं, अगर जनसंख्‍या की बात करें तो तब तक 60 करोड़ की वृद्धि हो चुकी होगी।

Courtesy: IndiaSamvad

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