भुवनेश्वर: हॉस्पिटल के ICU में लगी आग, दम घुटने से 30 मौतें; जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग

भुवनेश्वर: हॉस्पिटल के ICU में लगी आग, दम घुटने से 30 मौतें; जान बचाने के लिए छत से कूदे लोग

भुवनेश्वर/नई दिल्ली.भुवनेश्वर के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड एसयूएम हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में सोमवार शाम अचानक आग लग गई। हादसे में 30 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। जबकि 109 लोग जख्मी भी हुए हैं। घटना के बाद 100 से ज्यादा मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। घटना के बाद नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से बात कर लोगों की मदद करने का निर्देश दिया है। प्रधान के साथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी ओडिशा सरकार के कॉन्टेक्ट में हैं। दम घुटने की वजह से हुई मौतें, सात बड़े अपडेट में पढ़ें हादसे की पूरी कहानी…

बताया जा रहा है कि सभी मौतें दम घुटने की वजह से हुई। 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी आदित्य पधी ने हादसे में 19 लोगों की मौत कन्फर्म की है।

फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियों ने आग बुझाने का काम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है।

  1. हॉस्पिटल में कहां लगी आग :

हॉस्पिटल में आग लगाने की घटना शाम करीब 6.55 बजे डायलिसिस वार्ड में हुई। 1200 बेड वाले हॉस्पिटल में हादसे के दौरान करीब 500 पेशेंट थे।

  1. कैसे लगी आग:

हॉस्पिटल सूत्रों ने आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताया है। लेकिन अभी जांच की जा रही है।

  1. किस तरह हुआ रेस्क्यू :

-फायर ब्रिगेड के दस्ते मौके पर पहुंचे। ब्रोटो स्काईलिफ्ट के जरिए फायर ब्रिगेड के कर्मचारी अस्पताल की छत पर गए और आग बुझाने का काम किया।

हॉस्पिटल की खिड़कियां और दरवाजे तोड़ दिए गए। लोकल्स ने भी रेस्क्यू में हेल्प किया। चादर में लपेटकर लोगों को नीचे उतारा गया।

कई तीमारदार अपने मरीजों को कंधे और बेड समेत लेकर बाहर की ओर भागे। #4. अब कैसे हैं हालात :

रात 9.30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। आग में झुलसे लोगों को भुवनेश्वर के अपोलो और एम्स जैसे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 30 लोगों की हालत चिंताजनक है। इलाज कराने आए कई लोग हॉस्पिटल के बाहर जमीन पर अपने मरीजों को लेकर बैठे हुए थे। आस-पास काफी भीड़ है।

  1. आपबीती : छत से कूदकर बचाई जान

मौके पर मौजूद ज्योति बेहरा ने बताया- ‘जब आग लगी उस वक्त मैं फर्स्ट फ्लोर पर ही था। मेरे पिता वहां भर्ती हैं। आग लगते ही चारों तरफ तेजी से धुआं फैलने लगा।
मैं पिता को बाहर निकालना चाहता था। उन्हें कंधे पर लेकर बाहर भागा। पर किसी का धक्का लगा और मैं गिर गया। लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए भाग रहे थे।
धुएं और दम घुटने के कारण मैं पिता को खोज ही नहीं पाया। किसी तरह पहली मंजिल से कूदकर अपनी जान बचाई।
नहीं पता कि मेरे बीमार पिता के साथ अंदर क्या हुआ। वो जिंदा भी हैं या नहीं।’

  1. पीएम ने क्या ट्वीट किया :

पीएम ने ट्वीट कर शोक जताया। उन्होंने घायलों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। इसके लिए उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को निर्देश दिए हैं।

पीएम ने जरूरत पड़ने पर घायलों को दिल्ली लेकर आने की सलाह भी दी है।

  1. अब आगे क्या : विपक्ष के निशाने पर आ सकते हैं नवीन

सरकार की ओर से अभी प्रभावितों को किसी तरह की राहत राशि की ऐलान नहीं किया गया है। ओडिशा सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

सीएम नवीन पटनायक देर रात घायल मरीजों का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने पीएम को हालात की जानकारी दी है।

मामले को लेकर राजनीति भी हो सकती है। घटना को लेकर विपक्ष नवीन को घेर सकता है। हॉस्पिटल के बाहर नवीन का विरोध और बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट का बयान इस बात का संकेत है।

Courtesy: Bhaskar.com

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