स्मृति ईरानी के फर्जी डिग्री विवाद में आज फैसला सुना सकता है पटियाला हाउस कोर्ट

नई दिल्ली.केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की फर्जी डिग्री विवाद पर पटियाला हाउस कोर्ट आज फैसला सुना सकता है। इसके पहले स्मृति की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड इलेक्शन कमीशन ने सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को दिए थे। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अगर एफिडेविट में दी गई जानकारियां गलत हुईं तो धारा 125A के तहत कोर्ट झूठा हलफनामा देने पर जुर्माना, 6 महीने की सजा या दोनों कर सकता है। इलेक्शन कमीशन को दिए थे डॉक्युमेंट देने के ऑर्डर…

– 6 अक्टूबर को पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इलेक्शन कमीशन को निर्देश दिया था कि मामले में क्लेरिफिकेशन के लिए कुछ डॉक्यूमेंट्स की जरूरत है।

– आयोग के एक अफसर ने कोर्ट को बताया था कि स्मृति की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के बारे में जमा डॉक्यूमेंट्स नहीं मिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा था कि इस बारे में वेबसाइट पर जानकारी मौजूद है।
– दूसरी ओर, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कोर्ट को बताया था कि 2004 के लोकसभा इलेक्शन में उन्होंने एफिडेविट में 1996 के बीए सिलेबस के बारे में कथित तौर पर जो उल्लेख किया था, उसके डॉक्यूमेंट्स अभी तक नहीं मिले हैं।
– बता दें कोर्ट ने पिछले 20 नवंबर को फ्रीलांस राइटर अहमर खान की मांग को मंजूर करते हुए इलेक्शन कमीशन और दिल्ली यूनिवर्सिटी को एजुकेशनल क्वालिफिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने को कहा था।

क्या आरोप हैं शिकायतकर्ता के?

– खान का आरोप था कि स्मृति ने जानबूझकर आयोग के सामने 2004, 2011 और 2014 में दायर हलफनामों में अपनी एजुकेशन क्वालिफिकेशन के बारे में गलत जानकारी दी थी और सवाल उठाए जाने के बावजूद कोई सफाई नहीं दी।
– खान के वकील ने कोर्ट को बताया था कि ईरानी ने 2004 के लोकसभा इलेक्शन में अपनी क्वालिफिकेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी (स्कूल ऑफ कॉरेसपॉन्डेंस) से B.A. बताई थी।
– हालांकि, 2011 में गुजरात से राज्यसभा इलेक्शन में दिए हलफनामे में उन्होंने क्वालिफिकेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी (कॉरेसपॉन्डेंस कोर्स) से B.Com पार्ट-1 बताई थी।
– बता दें कि 2004 के लोकसभा इलेक्शन में स्मृति चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ मैदान में उतरी थीं। वहीं, 2014 में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

Courtesy: Bhaskar

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