अयोध्या में भाजपा के नहले पर दहला फेंक रही समाजवादी सरकार

अयोध्या में भाजपा के नहले पर दहला फेंक रही समाजवादी सरकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में अब अयोध्या को लेकर राम-राजनीति तेज है। वैसे तो अयोध्या मुद्दा भाजपा की पहचान बन चुका है लेकिन अब आगामी विधानसभा चुनाव में अपना बनाने में कोई दल पीछे नहीं है। भाजपा के एक दांव पर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी दो दांव चलने को आतुर है। शायद इसीलिए केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के अयोध्या आने से पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहले थीम पार्क और उसके बाद राम की पैड़ी को संवारने के बुहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी।

अनवरत जल प्रवाह होगा

इस प्रेजेक्ट के पूरे होने पर हर की पैड़ी तर्ज पर राम की पैड़ी में अनवरत जल प्रवाह का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। राम की पैड़ी संवारने में 12.50 करोड़ रुपये खर्च आएगा। सीएम ने नवंबर के अंतिम सप्ताह तक राम की पैड़ी संवारने की डेड लाइन तय कर दी है। करीब तीन महीने से सीएम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को वित्तीय स्वीकृत का इंतजार था। केंद्र सरकार की अयोध्या के प्रति बढ़ी दिलचस्पी ने राम नगरी को संवारने की वन राज्यमंत्री तेजनारायण पांडेय के पहल की राह को अचानक आसान कर दिया है।

भाजपा ने लिया राम का सहारा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मैदान में अब तक मुख्यमंत्री का चेहरा तलाश रही भाजपा ने अब अपना इरादा बदल कर राम के चेहरे का सहारा लेना शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रान्तीय अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी किसी को चेहरा बनाये बगैर चुनाव लड़ेगी। मौर्य ने बरेली में संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा कि प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों को भाजपा के मुख्यमंत्री के चेहरे का इंतजार है। भाजपा अपनी स्पष्ट नीति पर चलते हुए बिना चेहरे के चुनाव लड़ेगी। केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने भी अयोध्या में रामायण म्यूजियम की सौगात भी दे दी।

लाभ लेगे के प्रयास में सपा

दरअसल, इन दिनों भारतीय जनता पार्टी अयोध्या के मुद्दे को उठा ही रही है। साथ ही प्रदेश की सपा सरकार ने कल कैबिनेट बैठक में अयोध्या में इंटरनेशनल थीम पार्क बनाने को मंजूरी देकर कहीं न कही राम का सहारा लेने की कोशिश की है। इस पार्क में राम और रामायण से जुड़े सभी चीजों को दर्शाया जाएगा। ऐसे में साफ दिख रहा है कि आने वाले दिनों में राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर से गर्माने जा रहा है।

अच्छा है राम के नाम पर सपा कुछ तो कर रही

अच्छा है, राम के नाम पर सपा कुछ तो करने जा रही है। अपने धर्म, परंपरा और संस्कृति के प्रति ऐसी सद्बुद्धि आनी ही चाहिए। ये बातें गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सांसद योगी आदित्यनाथ कही। पत्रकार उनसे अयोध्या में सपा सरकार द्वार थीम पार्क के निर्माण की घोषणा के बारे में पूछ रहे थे। योगी ने कहा कि केंद्र देश की विरासत एवं सं

बदलेगा राम की पैड़ी का लुक

राम की पैड़ी को संवारने को वित्तीय स्वीकृत मिलने की पुष्टि अधीक्षण अभियंता मुश्ताक अहमद ने की। उनके अनुसार वित्तीय स्वीकृत की 50 फीसद धनराशि 6.25 करोड़ पहली किस्त के रूप में अवमुक्त होगी। अधीक्षण अभियंता के अनुसार अधिशासी अभियंता को ठेकेदारों से अनुबंध कराने के निर्देश दिया है। राम की पैड़ी संवारने की जिम्मेदारी तीन विभागों को सौंपी गई है। इनमें लिफ्ट कैनाल को सरयू नदी से पानी लिफ्ट कर राम की पैड़ी में डालने के लिए छह पंप, ट्रांसफार्मर व जनरेटर समेत अन्य कार्य करना है। सरयू नहर खंड को सरयू घाट का लुक बदलने के लिए मार्बल व लाइटिंग का कार्य सौंपा गया है। सिंचाई विभाग के जिम्मे राम की पैड़ी का अनवरत जल प्रवाह बनाए रखने का कार्य है।

अब बढ़ी प्रस्ताव की फाइल

अयोध्या में राम की पैड़ी का निर्माण प्रदेश की कांग्रेस हुकूमत में हुआ था। इसके बाद सूबे में कई सरकार आईं, लेकिन राम की पैड़ी संवारने की दिशा में ठोस प्रयास नहीं हुआ। मुलायम सिंह यादव की गठबंधन सरकार में जब मुन्ना सिंह चौहान सिंचाई मंत्री बने तो उन्होंने राम की पैड़ी को हर की पैड़ी की तरह दिखने का प्रस्ताव तैयार कराया। बैराज निर्माण का ऐसा अड़ंगा लगा कि वह प्रस्ताव फाइल से आगे नहीं बढ़ सका। निर्माण के करीब ढाई दशक बाद राम की पैड़ी का लुक बदलने के वन राज्यमंत्री के प्रयास को केंद्र सरकार की बढ़ती दिलचस्पी ने पूरा कर दिया।

Courtesy: Jagran.com

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