ऐ दिल है मुश्किल: MNS और राज ठाकरे के खिलाफ रेणुका शहाणे ने कहा

ऐ दिल है मुश्किल: MNS और राज ठाकरे के खिलाफ रेणुका शहाणे ने कहा

चिंकारा शिकार मामले में सलमान को कोर्ट से राहत के बाद इस फैसले पर सवाल उठाकर हाल ही में चर्चा में आईं रेणुका शहाणे एक बार फिर खबरों में हैं। इस बार वह ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के कारण रेणुका के निशाने पर है राज ठाके की एनएनएस पार्टी। रेणुका ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कुछ घटनाक्रम की यादों को ताजा किया है, जिसके जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि राज ठाकरे की पार्टी ने कब-कब अपना पैंतरा बदला है।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है…

कुछ घटनाक्रम केवल उन लोगों के लिए जिनकी याद्दाश्त कमजोर है।

3 फरवरी 2008: मिसेज जया बच्चन ने पूछा, ‘राज ठाकरे कौन है?’ और इसके बाद MNS ने मुंबई में उत्तर भारतीयों को टारगेट किया।

8 सितंबर 2008: यूपी के ब्रैंड ऐंबैसडर बनने पर और महाराष्ट्र के जगह यूपी में लड़कियों का स्कूल खोलने पर MNS ने अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा था। मिसेज बच्चन ने एक फिल्म के म्यूजिक लॉन्च पर हिंदी में बात करने को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी। इसके बाद MNS ने अमिताभ बच्चन की मूवी ‘The Last Lear’ का विरोध शुरू किया, तब जया बच्चन को पता चला कि राज ठाकरे कौन हैं और फिर उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी।

अक्टूबर 2016 में अमिताभ बच्चन को उनके जन्मदिन पर राज ठाकरे ने खुद से बनाई हुई तस्वीर भेट की। वहीं बच्चन ने राजठाकरे के बेटे को घड़ी गिफ्ट की। अमिताभ बच्चन गुजरात के ब्रांड एंबैस्डर बने। इस पर एमएनएस ने कोई विरोध नहीं किया।’

अब अक्टूबर 2016 पर आइए: अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर राज ठाकरे ने खुद से बनाई तस्वीर उन्हें गिफ्ट की और फिर उन्होंने राज ठाकरे के बेटे को गिफ्ट दिया। अमिताभ गुजरात के ब्रैंड ऐंबैसडर बने, लेकिन MNS ने इसका कोई विरोध नहीं किया। यानी समझिए कि मराठी-गुजराती भाई-भाई, लेकिन यूपी-मराठी भाई-भाई नहीं हैं।

अक्टूबर 2009: ‘वेकअप सिड’ फिल्म में मुंबई की जगह बॉम्बे शब्द के इस्तेमाल पर MNS ने फिर विरोध किया। हालांकि, करन ने इसके लिए माफी मांगी और कहा, ‘यह हमारी ओर से गलती हुई है। अब हम हमेशा ‘बॉम्बे’ की जगह मुंबई शब्द का इस्तेमाल करेंगे। MNS ने अपना विरोध वापस लिया। इसके बाद भी बॉम्बे टाइम्स छपा और अभी तक छप रहा है, लेकिन एमएनएस ने कोई विरोध नहीं किया।

सितंबर 2016: MNS ने ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में पाकिस्तानी ऐक्टर को कास्ट करने पर विरोध शुरु किया। उन्होंने यह विरोध उड़ी हमले के बाद किया, जिसमें हमारे देश के कई जवान शहीद हो गए।

फ्लैशबैक
26/11/2008: कायराना मुंबई हमला हुआ। पाकिस्तानी आतंकवादी द्वारा कई नागरिक मारे गए। कसाब के जिंदा पकड़ने की कोशिश में पुलिस इंस्पेक्टर तुकाराम ओम्बले शहीद हो गए। कई सुरक्षा अधिकारी शहीद हो गए। कई पाकिस्तानी कलाकार, सिंगर, लेखर आए, यहां काम किया और गए।

2 जनवरी 2016: पठानकोट हमले में कई जवान शहीद हो गए।

मार्च 2016: ‘कपूर ऐंड सन्स’ रिलीज हुई और हिट भी हुई। इसमें पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान भी थे, लेकिन तब MNS ने कोई विरोध नहीं किया।’

वर्तमान में:
18/10/2016: करण जौहर ने माफी मांगी और कहा कि अब वह कभी अपनी फिल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों को कास्ट नहीं करेंगे। इसके बावजूद सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर के मालिक इस फिल्म को नहीं दिखाएंगे। हमारे होम मिनिस्टर ने कहा कि बाकी बिज़नस की तरह यह भी एक बिज़नस है। पाकिस्तानियों को यहां आने और काम करने के लिए वीज़ा दिया जाएगा। सरकार की ओर से पाकिस्तानी कलाकारों पर कोई बैन नहीं होगा। एमएनएस सरकार के फैसले का विरोध न करे। करण जौहर होम मिनिस्टर से मिले।

और आगे…
करन जौहर को राज ठाकरे खुद से बनाई तस्वीर भेंट करेंगे?

अंत में रेणुका ने लिखा है, ‘हम भारतीय नागरिक के रूप में अपने मतभेदों को एक तरफ रखकर भारत को कला और खेल से ऊपर रख सकते हैं, लेकिन क्या हमारे नेता भारत को राजनीति से ऊपर रख रखते हैं? मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे नहीं लगता कि वे जो भाषण देते हैं, उसे खुद पर अमल भी करते हैं।’

Courtesy: NBT

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