DND मामला: इलहाबाद HC के फैसले के खिलाफ SC पहुंची टॉल कंपनी

DND मामला: इलहाबाद HC के फैसले के खिलाफ SC पहुंची टॉल कंपनी

नई दिल्ली/लखनऊ: दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईओवर को टोल फ्री कर दिया गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस बाबत स्पष्ट निर्देश दिया है. यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. वहां डीएनडी पर बिना रुकावट लोग आवाजाही कर सकेंगे.

लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को टॉल वसूलने वाली कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर चूनौती दे दी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुना सकता है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अदालत में इस मामले की सुनवाई प्रतिदिन चल रही थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि नोएडा अथॉरिटी और टोल ब्रिज कंपनी के बीच हुए मनमाने करार का खामियाजा आम जनता को भुगतने देना कतई ठीक नहीं है.

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि ओवर ब्रिज की लागत से ज़्यादा की वसूली होने के बाद लोगों से टैक्स वसूलना गलत है. अदालत ने इन्हीं दोनों बिंदुओं पर यूपी सरकार और नोएडा अथॉरिटी और टोल ब्रिज कंपनी से जवाब तलब किया था. नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाले तकरीबन सवा नौ किलोमीटर लंबे डीएनडी फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य साल 1997 में शुरू हुआ था.

पुल की लागत तकरीबन 407 करोड़ रुपये आई थी. इस पुल पर फरवरी 2001 से ट्रैफिक का संचालन शुरू हुआ था. नोएडा टोल ब्रिज कंपनी को इस पुल पर टोल टैक्स वसूलने का ठेका दिया गया था. एक अनुमान के मुताबिक़ कंपनी अब तक दो हजार करोड़ रुपये से ज़्यादा का टोल टैक्स वसूल चुकी है. हालांकि, नोएडा अथॉरिटी से हुए मनमाने करार के चलते लागत कीमत बढ़ने से टोल कंपनी अब बत्तीस सौ करोड़ रुपये वसूलने की बात कह रही है.

फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी की अर्जी में कहा गया था कि लागत की वसूली पूरी होने के बाद आम जनता से टोल टैक्स लिया जाना गलत है. इसे फ़ौरन बंद किया जाना चाहिए. जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि जिस फार्मूले से टोल टैक्स वसूला जा रहा है, उससे सौ सालों में भी पूरी लागत वसूल नहीं हो पाएगी.

Courtesy: ABPNews

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