टाटा ग्रुप को तिहरा झटका: ताज मानसिंह होटल, टाटा-एयर एशिया डील और शेयर मार्केट से बुरी खबरें

टाटा ग्रुप को तिहरा झटका: ताज मानसिंह होटल, टाटा-एयर एशिया डील और शेयर मार्केट से बुरी खबरें

नई दिल्ली
सायरस मिस्त्री को टाटा संस बोर्ड के चेयरमैन पद से अचानक हटाए जाने से शुरू हुई गहमागहमी के बीच गुरुवार को टाटा ग्रुप को एक साथ तीन झटके लगे। एक ओर दिल्ली हाई कोर्ट ने ताज मानसिंह होटल की नीलामी को हरी झंडी दे दी। दूसरी ओर विमानन कंपनियों का संघ एफआईए ने टाटा-एयर एशिया डील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला गया। इसके अलावा, टाटा ग्रुप की विभिन्न कंपनियों के शेयरों का गिरना गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

पहला झटका
पहले बात ताज मानसिंह होटल की। दिल्ली हाई कोर्ट ने ताज मानसिंह होटल की नीलामी के आदेश पर रोक लगाने की टाटा की अपील ठुकराते हुए नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) को इसकी नीलामी की इजाजत दे दी। अब टाटा को होटल का लाइसेंस बरकरार रखने के लिए नीलामी में भाग लेना होगा। टाटा ग्रुप की सहायक कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लि. (IHCL) ने जस्टिस वी. कामेश्वर राव के 5 सितंबर के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी। इसमें जस्टिस राव ने आईएचसीएल को ताज मानसिंह का लाइसेंस रीन्यू करने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट के गुरुवार के आदेश के बाद होटल संचालन के लिए उचित और बाजार के मुताबिक कीमत चुकाने के लिए इसकी नीलामी हो सकेगी। हालांकि, आईएचसीएल के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है।

 

दूसरा झटका
फेडरेशन ऑफ एयरलाइंस (एफआईए) ने टाटा-एयर एशिया को एविएशन परमिट दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। फेडरेशन का कहना है कि टाटा-एयर एशिया के बीच हुआ समझौता डीजीसीए के नियमों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की नीतियों का उल्लंघन करता है। यह मामला 14 अप्रैल से दिल्ली हाई कोर्ट में अटका पड़ा है। इसलिए फेडरेशन ने देश की सर्वोच्च अदालत से निर्देश देने की दरख्वास्त की है।

बता दें कि टाटा संस बोर्ड के चेयरमैन पद से हटाए गए सायरस मिस्त्री ने बुधवार को को बोर्ड सदस्यों और ट्रस्टों को लिखे ईमेल में आरोप लगाया है कि ग्रुप पर भारी-भरकम कर्ज के बावजूद उन्हें दो एविएशन वेंचर्स में निवेश करने के लिए मजबूर किया गया। यहां तक कि उनसे 22 करोड़ रुपये के फ्रॉड को नजरंदाज करने को कहा गया। मिस्त्री ने कहा है कि उन्होंने एविएशन सेक्टर में इन्वेस्टमेंट्स पर ऐतराज जताया था। मिस्त्री ने एयर एशिया से जुड़े कुछ ट्रांजैक्शंस के संबंध में नैतिकता से जुड़ी चिंताएं भी उठाई थीं। उन्होंने लिखा, ‘एक फोरेंसिक जांच में पाया गया कि भारत और सिंगापुर में ऐसी पार्टीज के साथ 22 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शंस हुए, जिनका वजूद ही नहीं था। एयर एशिया के बोर्ड मेंबर और एग्जिक्युटिव ट्रस्टी वेंकटरमण ने इस ट्रांजैक्शन को बड़ा नहीं माना। साथ ही, उन्होंने और जांच पर जोर नहीं दिया। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के जोर देने और इनमें से एक के इस्तीफा दे देने पर बोर्ड ने बाद में एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय किया था।’

 

 

 

तीसरा झटका
निवेशक भी टाटा ग्रुप को लगातार तीन दिनों से झटके पर झटका दे रहे हैं। नतीजतन, टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयर लगातार तीसरे दिन गिर रहे हैं। टाटा पावर, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, टाटा केमिकल्स, टाटा कॉफी, टाटा ग्लोबल बेवरेजेज, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प, टीसीएस, आईएचसीएल और टाटा टेलि जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। टाटा की कंपनियों के शेयरों में गिरावट की शुरुआत सायरस मिस्त्री को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद ही हो गई। हालांकि, बुधवार को अपने ईमेल में जब उन्होंने कहा कि टाटा कंपनियों की फेयर वैल्यू का रियलिस्टिक असेसमेंट किया जाए तो ग्रुप को लगभग 1,18,000 करोड़ रुपये राइट-ऑफ करने पड़ सकते हैं, तो निवेशकों की मायूसी और बढ़ गई।

क्या है ताज होटल का मामला
नई दिल्ली म्युनिसिपल कमिटी (NDMC) और आईएचसीएल के बीच 18 दिसंबर 1976 को दिल्ली के मानसिंह रोड पर एक फाइव स्टार होटल बनाकर इसे संचालित करने को लेकर समझौता हुआ था। समझौते के तहत 10 अक्टूबर, 1978 को होटल का कामकाज शुरू हो गया। ऑरिजनल लाइसेंस 33 साल के लिए दिया गया था जो साल 2010 में खत्म हो गया। हालांकि, लाइसेंस की मियाद कई बार बढ़ा दी गई। अब आईएचसीएल का कहना है कि समझौते के मुताबिक, यह होटल एनडीएमसी और आईएचसीएल का एक जॉइंट वेंचर है जिसमें दोनों की बराबर की भागीदारी है। हाई कोर्ट ने आईएचसीएल की इस दावे को खारिज कर दिया।

Courtesy: NBT

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