PAK जितनी डिफेंस टेक्नोलॉजी खरीदेगा, उतना ही अलग-थलग पड़ेगा: US थिंक टैंक

PAK जितनी डिफेंस टेक्नोलॉजी खरीदेगा, उतना ही अलग-थलग पड़ेगा: US थिंक टैंक

वॉशिंगटन. अमेरिकी थिंक टैंक ने कहा है कि पाकिस्तान दूसरे देशों से जितनी डिफेंस टेक्नोलॉजी खरीदेगा, उतना ही उसपर दुनिया से अलग-थलग होने का खतरा बढ़ता जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हथियार और एडवान्स्ड टेक्नोलॉजी खरीद बीते महीनों में तेजी से बढ़ी है। पाक को हथियार खरीदने की दौड़ से बाहर करने के लिए भारत दबाव बना सकता है। बता दें कि बीते दिनों भारत ने अमेरिका से लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) और रूस से 43 हजार करोड़ की बड़ी डिफेंस डील की हैं। पाक को चीन-रूस पर ही भरोसा करना होगा…

– अमेरिका के स्टिमसन सेंटर के मुताबिक, ‘लॉन्ग टर्म में देखें तो पाक के लिए इंटरनेशनल मार्केट से एडवान्स्ड वेपन्स सिस्टम खरीदना मुमकिन नहीं होगा। इसके बजाय उसे चीनी और रूसी मिलिट्री सिस्टम्स पर ही भरोसा करना होगा। हालांकि इसकी संभावना कम है कि वे पाक डिफेंस जरूरतों को पूरा कर पाएं।’
– स्टिमसन सेंटर ने ये बातें अपनी रिपोर्ट ‘मिलिट्री बजट इन इंडिया एंड पाकिस्तान: ‘ट्रेजेक्टरी, प्रायोरिटीज एंड रिस्क’ में कही हैं।
– रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पाकिस्तान को एडवान्स्ड वेपन्स की खरीदी में भारत की परचेजिंग पावर और क्षेत्र में उसकी तेजी से बढ़ते प्रभाव का सामना करना पड़ेगा।’

पाक को मदद करना कम कर रहा अमेरिका
– 2002-2015 के दौरान अमेरिका पाक के डिफेंस खर्च का 21% खुद देता था। यह पाक के मिलिट्री बजट ही नहीं बल्कि इकोनॉमी के लिए काफी मददगार होता था।
– रिपोर्ट के मुताबिक, ‘धीरे-धीरे अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली मदद में कमी करना शुरू कर दिया। दरअसल अमेरिका चाहता है कि पाक, भारत और अफगानिस्तान को निशाना बनाने वाले आतंकी गुटों पर कार्रवाई करे। पाक के ऐसा नहीं करने के कारण अमेरिका से उसके बाइलेटरल रिलेशन भी कमजोर हुए हैं।’

ग्लोबल डिफेंस कंपनीज की भारत पर नजर
– रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल डिफेंस कंपनियों के लिए भारत कहीं बड़ा और बेहतर मार्केट है। बीते महीनों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा आर्म्स इम्पोर्टर बनकर उभरा है।
– 2011-15 के दौरान दुनिया के आर्म्स इम्पोर्ट्स के मुकाबले भारत का हिस्सा महज 14 फीसदी था। इसमें अब 90% की बढ़ोतरी हुई है।
– रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जो देश या कंपनियां पाक के साथ डिफेंस रिलेशनशिप रखना भी चाहेंगे तो उनपर भारत का खासा दबाव रहेगा।

पाक थिंक टैंक का दावा- 492 नए एटम बम बना सकता है भारत
– भारत के पास इतना मटेरियल और कैपिसिटी है कि वह 356 से 492 नए न्यूक्लियर बम बना सकता है। पाकिस्तान के एक थिंक टैंक की रिसर्च में यह दावा किया गया है।
– ‘इंडियन अनसेफगार्ड न्यूक्लियर प्रोग्राम’ नाम से यह स्टडी स्ट्रैटजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) ने जारी की थी।
– आईएसएसआई का कहना है कि यह रिसर्च उन पुरानी स्टडीज से बेहतर है, जिनमें भारत की न्यूक्लियर बम बनाने की कैपिसिटी को कम आंका गया था।
– पाक थिंक टैंक के मुताबिक, इस स्टडी का मकसद भारत के जटिल न्यूक्लियर प्रोग्राम की सही हिस्ट्री और साइज व कैपिबिलिटी की समझ मुहैया कराना है।
– थिंक टैंक के मुताबिक, भारत ने यह जानकारी न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (एनपीटी) से बाहर रखी है।
– स्टडी में यह साबित करने की कोशिश की गई है कि डेवलपिंग कंट्रीज और गैर एनपीटी देशों में भारत के पास सबसे पुराना और अनसेफ न्यूक्लियर प्रोग्राम है।

Courtesy: Bhaskar

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